मत्ती 22:37-39

मत्ती 22:37-39 UCVD

हुज़ूर ईसा ने जवाब दिया: “ ‘तुम ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से अपने सारे दिल, अपनी सारी जान और अपनी सारी अक़्ल से महब्बत रखो।’ सब से बड़ा और पहला हुक्म यही है। और दूसरा जो उस की मानिन्द है: ‘तुम अपने पड़ोसी से अपनी मानिन्द महब्बत रखना।’

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मत्ती 22:37-39 - हुज़ूर ईसा ने जवाब दिया: “ ‘तुम ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से अपने सारे दिल, अपनी सारी जान और अपनी सारी अक़्ल से महब्बत रखो।’ सब से बड़ा और पहला हुक्म यही है। और दूसरा जो उस की मानिन्द है: ‘तुम अपने पड़ोसी से अपनी मानिन्द महब्बत रखना।’मत्ती 22:37-39 - हुज़ूर ईसा ने जवाब दिया: “ ‘तुम ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से अपने सारे दिल, अपनी सारी जान और अपनी सारी अक़्ल से महब्बत रखो।’ सब से बड़ा और पहला हुक्म यही है। और दूसरा जो उस की मानिन्द है: ‘तुम अपने पड़ोसी से अपनी मानिन्द महब्बत रखना।’मत्ती 22:37-39 - हुज़ूर ईसा ने जवाब दिया: “ ‘तुम ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से अपने सारे दिल, अपनी सारी जान और अपनी सारी अक़्ल से महब्बत रखो।’ सब से बड़ा और पहला हुक्म यही है। और दूसरा जो उस की मानिन्द है: ‘तुम अपने पड़ोसी से अपनी मानिन्द महब्बत रखना।’मत्ती 22:37-39 - हुज़ूर ईसा ने जवाब दिया: “ ‘तुम ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से अपने सारे दिल, अपनी सारी जान और अपनी सारी अक़्ल से महब्बत रखो।’ सब से बड़ा और पहला हुक्म यही है। और दूसरा जो उस की मानिन्द है: ‘तुम अपने पड़ोसी से अपनी मानिन्द महब्बत रखना।’मत्ती 22:37-39 - हुज़ूर ईसा ने जवाब दिया: “ ‘तुम ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से अपने सारे दिल, अपनी सारी जान और अपनी सारी अक़्ल से महब्बत रखो।’ सब से बड़ा और पहला हुक्म यही है। और दूसरा जो उस की मानिन्द है: ‘तुम अपने पड़ोसी से अपनी मानिन्द महब्बत रखना।’मत्ती 22:37-39 - हुज़ूर ईसा ने जवाब दिया: “ ‘तुम ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा से अपने सारे दिल, अपनी सारी जान और अपनी सारी अक़्ल से महब्बत रखो।’ सब से बड़ा और पहला हुक्म यही है। और दूसरा जो उस की मानिन्द है: ‘तुम अपने पड़ोसी से अपनी मानिन्द महब्बत रखना।’