प्रकाशितवाक्य 13
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ङोन ङरावणी ढौरे
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प्र.वा 17:3,7–12 ते मैं हेक ङरावणे ढौरा नु समुन्दरा महु निकलते हुले ङेखले, जाये ङसां सींगा उपर ङस मुग़ट हुते, ते सात ठोङीया हुतीया, ते ओचीया हर-हेक ठोङीया चे उपर नरीकारा ची निन्दा ची नांवे लिखली पलती। 2ते जको ङरावणे ढौर मैं ङेखले, ओ चीत्ते आलीकर हुता, ओचे पग़्ग़ रिछा चे पग़्ग़ा आलीकर हुते, ते मुँह शेरा आलीकर हुते। ते ओ अजगर ने आपणी शक्ति, ते आपणा सिंहासन, ते बङा अधिकार, ओनु ङिती ङिला।
3ते मैं ओचीया ठोङीया महु हेक उपर इसड़ा खतरनाक जखम ङेखला, पर ओ जखम कोनी हुता। बल्ति ओ खतरनाक जखम भरीती चुकला हुता, ते सारी धरती ची बन्दी ओ ङरावणे ढौरा चे भांसु-भांसु अचम्भा करते हुले टुरले। 4ते वाणे अजगर ची पूजा करली, कांकि ओणे ङरावणे ढौरा नु आपणा अधिकार ङिती ङिलता, ते ङरावणे ढौरा ची वी पूजा करली ते ईं वी केहले कि, “ऐ ढौरा आलीकर कूण छै? ते कूण ओचे लारे योद्ध कर सग़े?”
5ते बङीया बाता करने चे वास्ते, ते निन्दा करने चे वास्ते, ङरावणे ढौरा नु हेक मुँह ङिले गेले, ते ब़ियालीस मेहना तक काम करने चा अधिकार ङिला गेला। 6ते ओणे नरीकारा ची निन्दा करने चे वास्ते मुँह खोड़ले कि ओचे नांवा ची, ते ओचे तम्बू यानिकि स्वर्ग़ चे रेहणे आला ची निन्दा करो। 7ओनु हा वी अधिकार ङिला गेला कि पवित्र लौका लारे भिड़ो, ते वांचे कनु जीतती जाओ, ते ओनु हर हेक कोल्ल ते लौक ते भाषा ते जाति उपर अधिकार ङिला गेला। 8धरती चे सब रेहणे आले, जाई नांवे ओ मैमणे ची जीवन ची किताबे मां लिखली कोनी गेली, जको संसारा ची शुरुआत चे समय कनु ही बलिदान हुला, ओ ढौरा ची पूजा करे।
9अगर जाये कान छी तां वे सुणती गिहो।
10जानु कैदखाने मां जाणे,
ऊं कैदखाने मां जई,
जको तलवारी लारे मारी,
जरुरी छै कि ऊं वी तलवारी लारे मारले जई।
पवित्र लौका चा सब्र ते विश्वास ऐचे मां छै।
धरती कनु ङरावणे ढौरा चे निकलणे
11बल्ति मैं हेक नेरे ङरावणे ढौरा नु धरती महु निकलते ङेखले। ओचे मैमणे आलीकर ङोन सींगे हुती, पर ओ अजगर आलीकर ब़ोलता। 12ते हा ओ पेहले ङरावणे ढौरा चा सारा अधिकार कामा मां गेहता। ओणे धरती ते धरती उपर सारे रेहणे आला कनु ओ पेहले ङरावणे ढौरा ची उपासना करवाली हुती जाया खतरनाक जखम ठीक हुती चुकला हुता। 13ते ओ बङे-बङे चैन्ह ङिखाणता, इठे तक कि बन्दा चे सामणे आसमाना कनु धरती उपर जाखते बरसाती ङिता।
14ओ धरती चे बन्दा नु भरमाता गेला कांकि ओचे कनु पेहले ङरावणे ढौरा ची मौजुदगी मां चमत्कार ङिखाणने ची शक्ति हुती। ङुजे ङरावणे ढौरा ने धरती उपर रेहणे आला बन्दा कनु ओ पेहले ढौरा नु आदर ङेणे वास्ते जाये उपर तलवार लाग़ली हुती ओ जीता हुती गेलता, ओची मूर्ति बणावणे चे वास्ते केहले। 15ते ओनु ओ ङरावणे ढौरा ची मूर्ति मां प्राण नाखणे चा अधिकार ङिला गेला, कि ढौरा ची मूर्ति ब़ोलु लाग़ो, ते जितनी बन्दी ओ ढौरा ची पूजा नी करे, वानु मारती नाखा। 16ते ओणे छोटे, बङे, कंगाल, आजाद, दास सारे चे सज़्ज़े हाथा उपर जा वांचे मत्थे उपर हेक-हेक मौहर लवाणे चे वास्ते मजबूर करले। 17कि सेर्फ ओनु छोड़ती कर जाये उपर मौहर यानिकि ओ ङरावणे ढौरा चे नां, जा ते बल्ति ओचे नांवा चा अंक हो, ते नेरे कुई लेन-देन ना कर सग़ो।
18ज्ञान ऐचे मां छै, जानु ब़ुध्दि हो ऊं ऐ ढौरा चा अंक जोड़ती गिहो, कांकि ओ इन्साना चा अंक छै, ते ओचा अंक छाऔ साऔ छियासठ छै।
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प्रकाशितवाक्य 13: ODR
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