YouVersion Logo
Search Icon

इब्रानियों 1

1
परमेश्वरेरै पुत्रेरा स्वभाव
1पुराणैं टैंमा मझ परमेश्वरै असेड़ै पूर्वजा सिंउ बड़ै बारी जां अलग-अलग तराहि सिंउ भविष्यवक्ता केरै जरियै गलै की, 2पण अबै इस टैंमा मझ परमेश्वरै अपड़ै पुत्रा मसीहरै जरियै गलै की। परमेश्वरै अपड़ै पुत्रेरै जरियै सारी सृष्टिरी रचना की जां तैन्हांं सभनियां चीजा केरा वारिस ठहरा। 3पुत्र परमेश्वरेरी महिमायरै प्रकाशा प्रकट काता जां सैक्या हर तराहि सिंउ परमेश्वरा सैयि आ, सैक्या ऐ सभनियां चीजा अपड़ै शक्तिशाली वचने ला सम्भाता। तेनी मैहणु तेन्हैरै पापा किना शुद्ध क्यै जां तेठां किना बाद स्वर्गा मझ महामहिम परमेश्वरेरै देहिणै पासै गहि करि बेठा।
परमेश्वरैरा पुत्र यीशु स्वर्गदूता किना महान
4ऐठणीरै तेईनी परमेश्वरै पुत्रानि अक ऐतियु नाँ दित्तु, जै स्वर्गदूता किना बड़ु जादु महान आ, जेनि ला असै तका सकतै कि पुत्र तैन्हांं किना बड़ा जादा महान आ। 5पवित्र शास्त्रा मझ परमेश्वरै अपड़ै कोस बि स्वर्गदूता सिंउ ऐहीं ना बौलु, कि
“तु मिंडा पुत्र आ;
आज आंउ घोषणा काता, कि तु मिंडा पुत्र आ,”
जां फिरी तेनी ऐहीं अपड़ै कोस बि स्वर्गदूता सिंउ ना बौलु,
मूं तेसेरै पिता बंणनु, जां सैक्या मिंडा पुत्र बंणी गांहणा।
6जां फिरी परमेश्वरै अपड़ा अतिमहान पुत्र संसारा मझ भेईजणा किना पेहिलै बौलु, कि
“परमेश्वरेरै सभ स्वर्गदूत तैस किनि झुकि करि प्रणाम करिया।”
7जां स्वर्गदूता केरै बारै मझ परमेश्वर ऐ बोलता,
“सै अपड़ा स्वर्गदूता हवाय सैयि बणांता,
जां अपड़ा सेवका भड़कोरी आगी सैयि बणांता।”
8पण परमेश्वर अपड़ै पुत्रेरै बारै मझ बोलता, कि
“तु हमेशा-हमेशा तेईनी राजा सैयि राज करैला,
जां ताउ अपड़ै राज्य पन धार्मिकताय सिंउ राज्य कांना।”
9तु धार्मिक कंमा सिंउ प्रेम काता, पण गलत कंमा सिंउ नफरत काता;
ऐठणीरै तेईनी परमेश्वरै तु मित्रा केरै बिच किना चुणौरा,
तेनी बड़ै आनन्द सिंउ हर्षरूपी तैलै ला तिंडा अभिषेक क्यौरा।
10पवित्र शास्त्र ऐ बि बोलता;
“हे प्रभु शुरूवाति मझ तीं सृष्टिरी रचना की।
जां स्वर्गेरी बि रचना की।
11तैन्हांं सभनियां मुकि गांहणु, पण तांउ हमेशा जींतै रींहणु।
जां सैक्यै सारै लिकड़ा सैयि पुरांणै भौ गांहणै।
12जां ताउ सैक्यै चादरी सैयि लपैटणै,
जां सैक्यै लिकड़ा सैयि बदली गांहणै;
पण तु हमेशा तेईनी अक जेतिया रींहणा जां जै तिंडा जीवन आ, सै कदि ना मुकणा।”
13परमेश्वरै अपड़ै कोस बि स्वर्गदूता सिंउ कदि ना बौलु, कि
“तु मिंडै देहिणै पासै आदर सिंउ बेश,
ज्यो-तेईनी आंउ तिंडा दुशमणा पूरी तराहि सिंउ तिंडै वशा मझ ना करि दियुं।”
14तां, स्वर्गदूत कितु कातै? स्वर्गदूत सै अत्तै जै परमेश्वरेरी सेवा कातै; परमेश्वर तैन्हांं, तैन्हांं मैहणुवां केरी मजत कांनेरै तेईनी भेईजता, जैन्हांनि उद्धार मेईंणार भूंता।

Highlight

Share

Compare

Copy

None

Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in