भज़न 14
14
कमुर्ख मणछे कदुष्ट काम
(भज़न 53:1-6)
गाज़ै-बाज़ै आल़ेए सैणैं लै राज़ै दाबेदो भज़न
1ऐडअ सोठा आपणैं मन्नैं इहअ, “परमेशर निं आथी ई!”
इहै मणछ आसा भ्रष्ट गऐ दै हई,
तिन्नें आसा बेघै च़िल़्हखरै काम अर
तिन्नां मांझ़ै निं इहअ कोहै आथी ज़ुंण भलअ पाछा।
2बिधाता हआ स्वर्गा का उंधै हाम्हां मणछा भाल़अ लागअ द कि
कहा एकी बी आसा अक्ल?
इहअ मणछ बी आसा ज़ुंण तेऊए लोल़-तोप करा?
3पर सोभै मणछ आसा कबाता गऐ दै पेठी,
ज़ाथी आसा सोभै भ्रष्ट गऐ दै हई।
कोहै निं भलअ करदअ,
ज़ाथी निं एक बी आथी!
4बिधाता बोला इहअ, “तिन्नां कबध खटणै आल़ै का थोघ ई निं आथी?
तिन्नां मेरअ धैन ई निं आथी?
मेरै लोग हारनै-मारनै हआ तिन्नां लै ज़ेही फुलकी खाणीं!
मुंह सेटा अरज़, निं तिंयां कधि करदै ई!”
5डरै छ़ुटणअ तिन्नां दर्छ़णअ,
किल्हैकि बिधाता रहा सदा धर्मीं मणछा बाखा।
6कबध खटणै आल़ै पाआ मानदार मणछे कामां दी खरोल़,
पर बिधाता करा आपणैं लोगे फाज़त आप्पै।
7बिधाता एछणअ इज़राईला बच़ाऊंदअ सियोन धारा का आप्पै!
ज़ांऊं बिधाता आपणैं लोग गलामी का आज़ाद करनै,
याकबा करनी ज़ोरै-ज़ोरै ज़ै-ज़ैकार अर
इज़राईला हणीं नाच़णै जोगी खुशी। #भज. 53:6; लूक. 1:69
Currently Selected:
भज़न 14: OSJ
Highlight
Copy
Compare
Share
Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in
This work is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.