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एजकेल 12

12
यहूदा मुल्खे गलामीए बारै
1बिधाता बोलअ मुल्है इहअ, 2“मणछा, तूह आसा द्रोही लोगा मांझ़ै ज़ुंण मेरी शुणदै ई निं आथी। इने आछी, आसा, पर शुझदअ निं इना का किछ़! इने कान ता आसा, पर ईंयां निं किछ़ शुणदै! किल्हैकि ईंयां आसा द्रोही।#ईशा. 6:9-10; जेर. 5:21; मार्क. 8:18; रोम. 11:18
3“मणछा, ऐबै कर तिन्‍नां सेटा इहअ दखाअ कि तूह च़ाल्‍लअ किधी दूर गलामी दी डेऊई। धैल़ी करै तूह बाता लै आपणअ समान कठा ज़ेते ताह बाता ज़रुरत पल़णीं। लोगा नदरी तैर्हिऐ तूह घअरा का डेऊंणा लै संघा डेओऐ किधी होर्ता लै। ईंयां द्रोही लोग निं मेरी शुणदै ई आथी, झ़ाणीं ताह बाखा ईंयां धैन दैई हेरे कि तूह किज़ै करा। 4ज़ुंण तंऐं बाता लै आपणअ समान झाल़अ, तेऊ काढै तूह घअरा बागै। इहअ करै तूह धैल़ी ताकि लोग ताह भाल़े। लोग लोल़ी ताह भाल़ै हुऐ लागै दै अर तूह लागै धैल़अ उडणैं का आजी घअरा का हांढदअ, ज़िहअ कि तूह आसा किधी दूर देशै गलामी दी च़ाल्‍लअ द डेऊई। 5लोगा नदरी पाऐ आपणैं घअरे भीत मांझ़ा का ढोल़ी संघा निखल़ै तेस्सी बाती आपणैं समाना संघी बागै। 6लोग लोल़ी भाल़ै हुऐ लागै दै, तूह च़कै तिन्‍नां नदरी आपणैं समाने गांठल़ी आपणीं कान्हा। तेता च़कै तूह ज़ात सान्हां। तूह डाहै आपणीं आछी ढोपी ताकि ताखा धरनीं किछ़ निं शुझिए कि तूह केथ बाखा च़ाल्‍लअ। ज़ुंण बी ताह करनअ सह हणअ इज़राईली लै एक नछ़ैण अर चतैनगी।”
7इहअ करै किअ मंऐं तिहअ ई ज़िहअ बिधाता मुखा खोज़ी-बोली त डाहअ द। तैहा धैल़ी किअ मंऐं आपणअ समान कठा संघा डाही गांठल़ी बान्हीं ज़िहअ परदेसा लै डेऊणैं आल़अ करा। तेखअ ढोल़ी मंऐं तैहा धैल़ी सान्हां आपणैं घअरे भीत संघा निखल़अ तेस्सी बाती बागै। मंऐं पाई आपणैं समाने गांठल़ी कान्हा संघा लागअ तिधा का हांढदअ। लोग तै मुंह भाल़ै लागै दै कि हुंह किज़ै-किज़ै करा।
8दुजै धैल़ै दोत्ती बोलअ बिधाता मुल्है इहअ, 9“मणछा, इना द्रोही इज़राईली शुण, ईंयां आसा ताखा ऐबै पुछ़दै लागै दै, ‘अह तूह किज़ू करदअ आसा लागअ द?’ 10तूह खोज़ तिन्‍नां का इहअ कि हुंह तिन्‍नों परमेशर बिधाता बोला इहअ, ‘अह आसा एरुशलेम नगरी राज़ करनै आल़ै राज़ै अर कार-करिंदै अर तम्हां सोभी इज़राईली लै समाद ज़ुंण तेथ बस्सै दै आसा।’ 11तिन्‍नां का खोज़ तूह इहअ, ‘ज़ुंण हुंह करदअ आसा लागअ द, सह आसा इज़राईली लोगा लै नछ़ैण कि तिन्‍नां लै हणअ आजू इहअ।’ तिन्‍नां लागणअ इधा का उझ़ुई गलामी दी डेऊणअ। 12तिन्‍नां प्रैंदै राज़ करनै आल़ै थारै राज़ै लागणअ आपणैं समाने गांठल़ी सान्हां आपणीं कान्हा च़की डेऊणअ। तम्हां ढोल़णीं भीत अर सह निखल़णअ तेस्सी बाती। तेऊए आछी डाहणीं शाट्टी बान्हीं करै बुदरी ताकि तेऊ का नांईं शुझिए कि सह केथ बाखा लाअ निंईं। 13पर मुंह डाहणअ आपणअ ज़ज़ाल़ छ़ैई संघा शाचणअ सह तेथ। मुंह निंणअ सह कसदी लोगे बाबेल देशा लै। सह डाहणअ दुशमणा कांणअ करी संघा मरनअ सह तेते पर तेऊ निं सह ज़ैगा भाल़णीं भेटणीं।#2 राज़. 25:7; जेर. 52:11 14तेऊए कार-करिंदै अर सैना दरल़ाऊंणी मुंह सातै-बातै। दुशमण पल़णै तिन्‍नां पिछ़ू लोल़ै संघा पाणै तिंयां तलबारा करै मारी।
15“ज़ांऊं तिंयां मुंह तिन्‍नें आपणैं देशा का होरी देशा जैंदरा लै छिंगणैं। तिन्‍नां लागणअ पराऐ लोगा जैंदरी रहणअ। तेखअ लागणअ तिन्‍नां का थोघ कि हुंह आसा बिधाता। 16तिंयां मरनै नकाल़, नबिज़री बमारी अर जुधा दी तलबारा करै, पर तज़ी बी डाहणैं मुंह तिन्‍नां मांझ़ै धख ज़िऊंदै। तिंयां हणैं होरी देशा जैंदरी बस्सै दै, तेथ एछणी तिन्‍नां समझ़ कि ज़ुंण तिन्‍नैं किऐ, तिंयां तै बेघै च़िल़्हखरै काम। तेखअ लागणअ तिन्‍नां का थोघ कि हुंह आसा बिधाता।”
मिट्टदै गूरो नछ़ैण
17बिधाता बोलअ मुल्है इहअ, 18मणछा, तूह खाऐ रोटी काम्बदी-काम्बदी, पाणीं बी झुटै तूह इहअ झ़िल़दी-काम्बदी कि ताह आसा डरै दर्छ़णअ छ़ुटअ द। 19तूह खोज़ इज़राईल देशे सोभी लोगा का, “म्हारअ मालक बिधाता बोला एरुशलेम नगरी अर सारै इज़राईल देशै बस्सै दै सोभी लोगा लै, ‘तिन्‍नां लागणीं रोटी खांदी डरै काम्मणीं। पाणीं झुटदा छ़ुटणअ तिन्‍नां दर्छ़णअ। दुशमणा करनी तिन्‍नें ज़ैगा एही बरैबाद कि एथ निं किछ़ बच़णअ। किल्हैकि तेथ बस्सै दै सोभ लोग आसा कदुष्ट। 20नगरी ज़ेथ एभै लोग आसा बस्सै दै, तेथ रहणीं सिधी पात्थरे डिंगरी। दुशमणा करनअ सारअ देश बरैबाद। तेखअ लागणअ तम्हां का थोघ कि हुंह आसा बिधाता।’”
मशूर कहाबत अर समाद मशूर निं आथी
21बिधाता बोलअ मुल्है इहअ, 22“मणछा, इज़राईली लोगा मांझ़ै किल्है आसा अह कहाबत मशूर, ‘धैल़ै गऐ खास्सै हई पर धैनै खोज़ी दी गल्‍ला निं निभी?’ 23ऐबै लअ तिन्‍नां का खोज़ी कि हुंह तिन्‍नों परमेशर बिधाता बोला तेता लै इहअ, ‘थारी अह कहाबत करनी मुंह खतम। ऐबै निं इहअ इज़राईला दी कोही बोल़णअ।’ तूह बोल तिन्‍नां लै, ‘सह धैल़ी गई पुजी ज़ुंण मंऐं धैनै गल्‍ला खोज़ी, तिंयां निभणी तेही ई।’
24“आजू निं इज़राईली लोगा इहै धैन हणैं ज़ुंण शुचै निं आथी, नां कहा जोतषी बणी लोग ठगणै। 25हुंह आसा सोभिओ मालक बिधाता, मुंह खोज़णअ तिन्‍नां का आप्पै। ज़ुंण बी मुंह बोल़णअ, तिंयां गल्‍ला निभणी तेही ई। तेता हणां लै निं बल़ैग पल़णीं। तिंयां हणीं थारी ज़िऊंदी ज़िता पूरी। द्रोही मणछो, ज़ेही मंऐं चतैनगी दैनी कि मुंह करनअ इहअ, तिंयां गल्‍ला करनी मुंह तेही ई पूरी।”
26बिधाता बोलअ मुल्है इहअ, 27मणछा, “शुण कि ईंयां इज़राईली तेरै बारै किज़ै बोला! तिंयां बोला इहअ, ‘ज़ुंण एऊ धैनै-सुपनै भाल़अ, तिंयां गल्‍ला निभणी खास्सी साला बाद, अह आसा खास्सी पोस्ती बादे गल्‍ला प्रगट करदअ लागअ द।’ 28तैही लअ तूह तिन्‍नां का खोज़ी कि हुंह मालक बिधाता बोला इहअ, ‘ऐबै निं धख बी बल़ैग पल़णीं। ज़ुंण मंऐं बोलअ, तिंयां गल्‍ला जाणी छ़ेक्‍कै पूरी हई। अह गल्‍ल डाही मंऐं बिधाता बोली।’”

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एजकेल 12: OSJ

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