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प्रकाशितवाक्य 15:4
ओङ राजपूत
ODR
हे प्रभु दुधे कनु कूण नी ङरी? ते दुधे नांवा ची महिमा कूण नी करी? कांकि सेर्फ तु ही पवित्र छी, ते सारीया जातिया आती कर दुधे सामणे ङण्डवत करे, कांकि दुधे न्यां चे काम उजागर हुती गेले।”
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प्रकाशितवाक्य 15:1
बल्ति मैं स्वर्ग़ा मां बङा ते अचम्भे चा चैन्ह ङेखला, यानिकि सात स्वर्ग़दूत जाये कनु सात भांसलीया आफता हुतीया, कांकि वांचे हुती जाणे उपर नरीकारा चे गुस्से चा अन्त छै।
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