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भज़न 68:19
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
ए म्हारै मालक, हाम्हां करनी तेरी ज़ै-ज़ैकार! तूह रहा हाम्हां लै हर धैल़ै झणैल़ू, परमेशर, तंऐं आसा हाम्हैं बच़ाऊई डाहै दै।
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भज़न 68:5
परमेशर, तूह रहा आपणैं पबित्र घअरै, तूह करा छ़ुटै-मुक्कै दै अर बिधबा बेटल़ीओ नसाफ।
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भज़न 68:6
ज़ुंण कल्ही आसा, तूह बसाऊआ तिन्नों घअर, कैद किऐ दै मणछा करा तूह आज़ाद। पर द्रोही लोगा लागणअ शुन्नैं रेगीस्तानै रहणअ।
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भज़न 68:20
हे बिधाता, म्हारै मालक, तूह करा कबल्ली म्हारी फाज़त, हे परमेशर, तंऐं आसा हाम्हैं मरनै का बच़ाऊई डाहै दै।
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