उत्पत्ति 1:30

उत्पत्ति 1:30 BGH

ओर जितणे तरतिया रे डांगर, सर्गो रे पंछी ओर तरतिया पाँदे लूरने वाल़े जन्तु ए, जिना रे जिन्दगिया रे प्राण ए, तिना सबी खे खाणे खे मैं सारे अरे-अरे छोटे डाल़ देई राखे”, ओर तेड़ा ई ऊईगा

مطالعه उत्पत्ति 1