अउर मूरतिन के ऊपर चढ़ाई जाँय बाली चीजन के बारे माहीं, अब हम पंचे इआ मानित हएन, कि एखे बारे माहीं हमहीं पंचन काहीं ग्यान हय। अउर ग्यान घमन्ड उत्पन्न करत हय, पय प्रेम से मसीही मन्डली के उन्नति होत ही। पय अगर कोऊ इआ मानत हय, कि हम सब कुछ जानित हएन, त जइसन ओही जानँइ क चाही, उआमेर से उआ अबय तक नहीं जानय।