भज़न 77
77
खरीए पलका करा बिधाता मज़त
जदूतून, गाज़ै-बाज़ै आल़ेए सैणैं लै असापो भज़न
1हे बिधाता, हुंह करा लेर-पकार पाई ताह सेटा अरज़,
तै झ़ाणीं तूह शुणें!
2ज़ेभै मुंह आफ़त पल़ी, तेभै करा हुंह मेरै मालक बिधाता सेटा अरज़,
सारी राची डाहा हुंह अरज़ करदी बारी आपणीं बाह फुआरी,
पर मुंह निं शांती भेटी।
3हे बिधाता, तेरै बारै सोठी-सोठी निं मुंह
उझ़ुई नां बेशी राम हंदअ।
4राची निं नींज अर धैल़ी निं भुख हंदी,
मुंह निं हैल़ी हांस बी रही।
5हुंह सोठा पराणैं ज़मानें तिन्नां धैल़ीए बारै अर
पिछ़लै जुगे तिन्नां साले बारै।
6मुंह हआ सारी राची सोठ पल़ी दी,
हुंह रहा आपणैं मन्नैं राम्बल़ै करै इहअ बच़ार करदअ लागी,
7“मेरै मालक बिधाता कै हुंह सदा लै हेरअ छ़ाडी?
ऐबै झ़ाणीं सह हाम्हां लै कधि निं हणअ होए राज्ज़ी?
8सह झ़ाणीं हाम्हां लै एचल़ी झ़ूरा हंदअ?
तेऊ हाम्हां लै दैनी दी ज़बान बी ऐबै बृथा डेऊई होए?
9परमेशरा झ़ाणीं हाम्हां लै जश दैणें आद बी निं रही होए?
सह झ़ाणीं रोश्शै हाम्हां लै झींण करनै का बी हटअ होए पिछ़ू?”
10तेखअ किअ मंऐं इहअ बच़ार, “सोभी का खास्सअ दुख हुअ मुंह इहअ कि
परम प्रधान परमेशर बिधाता का झ़ाणीं ऐबै बल ई निं रहअ होए तैही निस्सअ सह म्हारी मज़त करी!”
11पर हे बिधाता, ज़ुंण महान काम तंऐं किऐ, तेता निं हुंह बिस्सरदअ,
पराणैं ज़मानैं तंऐं ज़ुंण नुआहरै काम किऐ, तिंयां डाहणैं मुंह आद।
12आझ़ तैणीं तंऐं ज़िहअ बी किअ मुंह रहणअ तेते बारै सोठदै लागी,
मुंह करनअ तेरै तिन्नां महान कामों धैन।
13तूह बिधाता ज़िहअ बी करा, तेरअ सह काम हआ भलअ ई,
तूह आसा सोभी का बडअ अर महान, तेरअ मकाबलअ निं देअ नां देबतै करी सकदै!
14च़मत्कार सका सिधअ तूह परमेशर ई करी,
तंऐं रहैऊअ देशा-देशा का आपणअ बल।
15आपणअ बल रहैऊई बच़ाऊई तंऐं आपणीं परज़ा बी,
याकब अर युसुफे आद-लुआद किऐ तंऐं आज़ाद।
16ताह भाल़ी छ़ुटा समुंदरा बी काम्मणीं अर
तेते थाल्लै हआ ज़ाज़री।
17बादल़ा का छ़ुटा उंधै पाणीं संघा लागा
गुल़ूबिज़ल़ूए ढिम्हां अर
सारै सरगै लागा बिज़ल़ीए झ़प्पा-झ़प्पी।
18ज़ांऊं तेरअ गुल़ूबिज़ल़ू थरेटा ज़िहअ घुर्हअ,
संसारै लागै बिज़ल़ीए च़लकारै,
धरती हुई ज़ाज़री अर लोगा छ़ुटी काम्मणीं।
19तूह हांढा समुंदरे छ़ाल्ली प्रैंदै,
डुघअ समुंदर लंघा तूह एकी लाह लै,
पर तेरै खूरे नछ़ैण निं कोही का शुझदै।
20तंऐं छाहकी आपणीं परज़ा भेडे हेल़्ही ज़ेही,
मोसा अर हारण डाहै तिन्नें फुआल बणाईं।
Currently Selected:
भज़न 77: OSJ
Highlight
Copy
Compare
Share
Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in
This work is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.