Bible App logo
Search Icon

भज़न 53

53
कमुर्ख मणछे कदुष्ट काम
(भज़न 14:1-7)
गाज़ै-बाज़ै आल़ेए सैणैं लै राज़ै दाबेदो भज़न
1ऐडअ सोठा आपणैं मन्‍नैं इहअ, “परमेशर निं आथी ई!”
इहै मणछ आसा भ्रष्ट गऐ दै हई,
तिन्‍नें आसा बेघै च़िल़्हखरै काम अर
तिन्‍नां मांझ़ै निं इहअ कोहै आथी ज़ुंण भलअ पाछा।
2परमेशर हआ स्वर्गा का उंधै मणछा भाल़अ लागअ द कि
तिन्‍नां मांझ़ै कहा एकी बी आसा अक्ल
ज़ुंण परमेशरे लोल़-तोप करा।
3पर सोभै मणछ आसा कबाता गऐ दै पेठी,
ज़ाथी आसा सोभै भ्रष्ट गऐ दै हई।
कोहै निं भलअ करदअ,
ज़ाथी निं एक बी आथी!
4परमेशर पुछ़ा इहअ, “इना कदुष्टा का थोघै निं आथी?
ईंयां खाआ मेरै लोगा फुलकी ज़िहै लुटी
अर मेरअ निं ईंयां नाअं बी लंदै!”
5पर ज़िधी किछ़ै डअर बी निं होए तिधी बी छ़ुटणअ तिन्‍नां दर्छ़णअ,
एही डअर निं तिन्‍नैं कधि भाल़ी,
किल्हैकि आपणीं परज़े दुशमणे हाडकै छिंगणैं परमेशरा सारै दी।
परमेशरै किऐ तिंयां आप्पू का दूर
अर तिंयां हुऐ पठी शर्मिंदै।
6सियोन धारा का इज़राईली बच़ाऊंदअ कुंण एछणअ?
ज़ेभै परमेशरा आपणीं परज़ा गलामी का आज़ाद करनी,
याकबा करनी खुशीए मारै ज़ोरै-ज़ोरै ज़ै-ज़ैकार
अर इज़राईली हणैं बेघै खुशी।

Currently Selected:

भज़न 53: OSJ

Highlight

Copy

Compare

Share

None

Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in