भज़न 42
42
दुजअ भाग
(भज़न 42:1—72:20)
बिधाता भाल़णें च़ाह
गाज़ै-बाज़ै आल़ेए सैणैं लै कोराह खिंबा आल़ैओ खास भज़न
1हे बिधाता, ज़ेही हरनी गाडे पाणीं झुटणा लै फहुंकिआ,
तिहअ फहुंकिआ हुंह ताल्है।
2हे परमेशर, मुंह आसा ताह ज़िऊंदै परमेशरे एही चिश कि
ताह सेटा हुंह केभै पुजूं!
3हे परमेशर, राच-धैल़ लेरी-लेरी आसा आशू ई मेरी बैल़ी-क्लारी,
सोभै हआ मुंह इहअ पुछ़दै लागै दै,
“तेरअ परमेशर आसा किधी?”
4पिछ़ली गल्ला आद करी चुटा मेरअ दिल कि
हुंह खास्सै मणछे छ़ुंढा जैंदरी हुंह किहअ एछा त शूकर करदअ तेरै भबना लै,
लोगे तिंयां परमेशरा लै गिहा अर
ज़ै-ज़ैकारे बोल लागा मुखा एभै बी कानै शुण्हदै।
5इहअ किल्है चुटअ मेरअ हैअ?
मुंह किल्है निस्सअ उझ़ुई नां बेशी राम हई?
मुंह डाहणअ परमेशरा दी भरोस्सअ,
मुंह लणअ त एकी बारी भिई परमेशरा सेटा डेऊई
मेरै उद्धार करनै आल़ै परमेशरो शूकर करी।#मोत्त. 26:38; मार्क. 14:34; जोह. 12:27
6-7हे परमेशर, मंऐं हेरअ पठी हैअ चोल़ी,
हुंह लागा तेरै बारै सोठदअ,
तंऐं पाई मेरै दिलै दुखे बडी-बडी छ़ाल्ली,
मुल्है पल़अ आई दी गाडा ज़िहअ झाख,
सह ज़ाण्हिंआं हर्मोन अर मिसगार धारा का लागै दै
जरदण नदीए छ़ोआ ज़िहअ क्रुंगा लांदअ।
8पर हर धैल़ै दैआ बिधाता मुल्है आपणीं अटल़ झ़ूरी तरैल़ी करै,
राची-राची बोला हुंह कबल्ली तेऊए गिहा,
हुंह रहा तेऊ परमेशरा का अरज़ करदअ लागी ज़ुंणी मुल्है ज़िन्दगी दैनी।
9ज़ुंण परमेशर मुंह बच़ाऊआ,
तेऊ का बोल़णअ मुंह इहअ,
“तंऐं किल्है पाअ हुंह बिस्सरी?
मुंह किल्है पल़ा मेरै दुशमणा का ईंयां दुख ज़िरनै?”
10तिन्नें तान्हैं लाई मेरै हाडकै-हाडकै एही दाह कि तिंयां बिन्हैं बर्छ़ै करै!
तिंयां करा मेरअ इहअ बोली सुहांग,
“अह तेरअ परमेशर आसा किधी?”
11इहअ किल्है चुटअ मेरअ हैअ?
मुंह किल्है निस्सअ उझ़ुई नां बेशी राम हई?
मुंह डाहणअ परमेशरा दी भरोस्सअ,
मुंह लणअ त एकी बारी भिई परमेशरा सेटा डेऊई
आपणैं उद्धार करनै आल़ै परमेशरो शूकर करी।
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भज़न 42: OSJ
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