भज़न 110
110
ज़ीत दैआ बिधाता आप्पै
राज़ै दाबेदो भज़न
1बिधाता बोला राज़ै लै ज़ुंण मेरअ मालक आसा,
“ज़ांऊं तैणीं हुंह तेरै दुशमणा तेरै खूरा हेठै च़ौकी निं बणाऊं,
तेभै तैणीं रह तूह मेरी दैहणीं कुछी बाखा बेशी।”#इब्रा. 10:12-13; लूक. 20:42-43
2बिधाता बढेरनअ तेरै राज़ो बल सियोना का सारै दी, बिधाता बोला इहअ,
“तूह करै आपणैं दुशमणा प्रैंदै राज़।
3ज़हा धैल़ी पोर्ही ताह आपणैं दुशमणा संघै जुध करनअ,
तेरी परज़ा हणीं तेरी च़ाकरी करदी।
दोत्ती पल़ै दै ओशा ज़िहै एछणैं खारकै मणछ
ताह सेटा लै तेरी पबित्र धारा।”
4 #
इब्रा. 7:17,21 बिधाता आसा आप्पै ज़बान दैनी दी अर सह निं तेता का हुधदअ, ज़िहअ तेऊ बोलअ,
“तूह हणअ सदा लै माहा प्रोहत, ज़िहअ मल्किसदोक थिअ।”
5मालक आसा आप्पै तेरी दैहणीं बाखा खल़अ, ज़ांऊं तेऊ रोश्श एछी जाए,
तेऊ सेटा निं बडै-बडै राज़ै टेक्की सकदै।
6तेऊ करनअ देशा-देशो नसाफ,
तेऊ झेचणी तिन्नें तुंबी अर
सारी पृथूई दी लागणै मुल्दे रूल़।
7बाता हांढदी झुटणअ तेऊ ज़ुंण तेऊओ दिल च़ाहे तैहा गाडो पाणीं,
सह रहणअ सदा ज़ितदअ ई लागी।
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भज़न 110: OSJ
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