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भज़न 110:1
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
बिधाता बोला राज़ै लै ज़ुंण मेरअ मालक आसा, “ज़ांऊं तैणीं हुंह तेरै दुशमणा तेरै खूरा हेठै च़ौकी निं बणाऊं, तेभै तैणीं रह तूह मेरी दैहणीं कुछी बाखा बेशी।”
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