ईशायाह 53
53
1लोगा बोल़णअ इहअ,
“अह गल्ल निं कोही लाई ती मनी ज़ुंण हाम्हैं एभै खोज़दै आसा लागै दै।
अह निं कोही का च़ाल्लअ त शुझुई कि अह किअ बिधाता आप्पै।
2सह च़ाहा त बिधाता कि तेऊओ दास
शुक्की ज़ैगा नऊंईं टिरा ज़िहअ राझ़े।
तेऊए निं एही किछ़ै शोभा-शान आथी ती
कि हाम्हैं तेऊ बाखा धैन दैए।
तेऊ दी निं किछ़ लोभणैं आल़ी गल्ल आथी ती,
ज़ेता करै हाम्हैं तेऊ बाखा फिरदै।#मार्क. 9:12
3हाम्हैं किई तेऊ लै नफरत अर हाम्हैं समझ़अ सह बृथा,
तेऊ ज़िरै दाह-दुख अर
हाम्हैं किअ सह इहअ भाल़अ नां भाल़अ कि
तेऊए निं कोई बुगत ई आथी!#मोत्त. 9:12
4पर तेऊ ज़िरै तिंयां दुख ज़ुंण हाम्हां पल़णै तै भुगतणै,
अर ज़ुंण दाहे शूल़ हाम्हां लागणै तै दैणैं।
हाम्हैं रहै तेऊ लै इहअ सोठदै लागी कि
अह मार आसा एऊ लै परमेशरे हुणाकार।#मोत्त. 8:17; 1 पत. 2:24
5पर तेऊ लै पल़ै म्हारै पापा पिछ़ू ज़खम,
म्हारै पापी कामां पिछ़ू पल़ी तेऊ मार।
तेऊ ज़िरी सह सज़ा कि म्हारअ मेल़-ज़ोल़ होए,
तेऊ ज़िरै घोर दाह-दुख कि हाम्हैं ताज़ै-नरोगै होए।#रोम. 4:25; 1 पत. 2:24
6 #
भज. 119; जेर. 50:6 हाम्हैं सोभै तै एही भेडा ज़िहै ज़ुंण हेल़्ही मांझ़ा का लुक्की थिई गई दी,
हाम्हैं सोभै तै आपणीं-आपणीं बाता लागै दै हांढदै।
पर बिधाता लादअ म्हारै पापो सह गर्कअ बोझ़अ तेऊ आपणैं दासा प्रैंदै
ज़ेते सज़ा हाम्हां लागणीं ती भुगतणी।#शधा. 10:43; 1 पत. 2:25
7सह हंतअ ज़िहअ नां किहअ, पर सह रहअ च़ुपच़ाप तिन्नां ज़िरदअ लागी,
तेऊ निं एक बैण बी बोलअ।
सह रहअ इहै मिम्मूं ज़िहअ ज़ुंण डिलणा लै हआ काटी लाअ द
अर एही भेडा ज़िहअ ज़ुंण मुनी हआ लाई दी,
तेऊ निं एक बैण बी बोलअ।
8सह किअ कैद संघा दैनी थोघै बाझ़ी तेऊ लै मौते सज़ा!
तेऊ ज़मानै निं कोही तेऊए दशा दी धैन दैनअ
सह पाअ म्हारै लोगे पापा पिछ़ू मारी!#मोत्त. 27:12; मार्क. 15:4,5; 1 करि. 5:7; 1 पत. 2:23; प्रका. 5:6,12; शधा. 8:32,33
9सह डाहअ कदुष्ट पापी मणछा संघै घोरी दाबी,
पर ज़हा घोरी सह दाबी डाहअ सह थिई सेठा मणछे।
तेऊ निं कधू धख ज़िहअ कशूर बी किअ
अर नां कधि एक बैण बी झ़ुठअ बोलअ।”
10बिधाता बोला इहअ,
“हुंह च़ाहा त इहअ कि सह दुख ज़िरे।
तेऊओ दोश बल़ीदान हणअ त एते तैणीं ज़रूरी कि सोभिए पाप माफ होए।#लेब. 5:15-19
ज़िहअ करै सह आपणीं आद-लुआद भाल़े,
सह खास्सी अमरा ज़िऊए अर
तेऊ बाती ज़िहअ हुंह च़ाहा त सह गल्ल पूरी होए।
11आपणीं ज़ान दैई भेटणीं तेऊ सह ज़िन्दगी भिई, तेऊ भेटणीं भिई खुशी
तेखअ लागणअ तेऊ का थोघ कि तेऊओ दुख ज़िरनअ निं बृथा डेऊअ।
मेरअ सह दास ज़ुंणी ज़हा का हुंह खास्सअ खुश आसा,
तेऊ ज़िरनी बतेर्है मणछे सज़ा आप्पू
अर तेऊ पिछ़ू करनै मुंह तिन्नें पाप माफ।#रोम. 5:9
12तेऊ लै दैणीं अदरे पदबी,
ज़ुंण पदबी महान अर बलबाने हआ।
तेऊ दैनी दिला का आपणीं ज़ान,
सह गणअ ज़ुल्म करनै आल़ै संघै।
सह बेठअ पापी मणछे ज़ैगा आप्पू संघा
किई तिन्नें पाप-दोशे माफी लै अरज़।”
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ईशायाह 53: OSJ
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