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ईशायाह 52

52
बिधाता दैणअ एरुशलेम नगरी लै छ़ुटकारअ
1ईशायाह बोला:
एरुशलेम, खल़ी उझ़ू, ज़ोर कर!
परमेशरे पबित्र नगरीऐ, बधिया झिकल़ै बान्ह!
ऐबै निं छ़ोतलै अर तिंयां लोग तेरी प्रऊल़ी भितरी कधि एछणैं
ज़ुंणीं खतैर निं आथी किअ द।#प्रका. 21:2,10,27
2एरुशलेम, आप्पू का ठुल़्हक धूल़अ पोर्ही!
धूल़ै-माट्टै जैंदरा का उझ़ू खल़ी संघा बेश आपणीं गाद्दी प्रैंदै!
सियोने कैद किई दी शोहरीऐ,
आपणैं गल़ा का खोल्ह गलामीए गल़ैऊंडी पोर्ही।
3सोभिओ मालक बिधाता बोला आपणीं परज़ा लै इहअ, “ज़धू तम्हैं गलाम हुऐ, तधू निं तम्हां लै तेते किछ़ै ढब्बै मोल आथी दैनै दै, तिहअ ई निं ऐबै तम्हां लै आज़ाद हणां लै किछ़ै मोल दैणअ पल़णअ।#भज. 44:12; 1 पत. 1:18 4ज़धू तम्हैं मिसर देशै परदेसी ज़िहै बस्सै, तम्हैं तै आपणीं मरज़ी दी डेऊऐ दै। अश्शूरी बी हंतै तम्हैं थोघै बाझ़ी, अश्शूर देशा लै निंयैं तम्हैं ज़ोरा-ज़ोरी अर नां तम्हां लै तेतो किज़ै मोल दैनअ। 5बाबेल देशै बी किअ तम्हां लै इहअ ई, तिन्‍नैं आसा तम्हैं थोघै बाझ़ी गलाम बणाऐं दै अर तेतो मोल बी निं तम्हां लै किछ़ भेटअ। ईंयां ज़ुंण तम्हां प्रैंदै राज़ करा ईंयां मारा डिंगा अर कबल्‍लै हआ मेरी निंदा करदै लागै दै।#एज. 36:20-23; रोम. 2:24 6ऐबै जाणअ तम्हां मेरी परज़ा का थोघ लागी कि ज़ुंण तम्हां संघै गल्‍ला करा, हुंह आसा बिधाता।”
7तेऊ दूता भाल़णेंओ भाल़ किहअ च़ाअ लागा
ज़ुंण धारा बाती उंधै एछा अर
ज़ुंण खुशीओ समाद आणा, ज़ेता करै शांती भेटा!
सह खोज़ा सियोना का छ़ुटकारेओ समाद,
“थारअ परमेशर आसा राज़अ!”#शधा. 10:36; रोम. 10:15; नहू. 1:15
8नगरीए पहरी पाआ ज़ोरै-ज़ोरै हाक्‍का
तिंयां करा सोभ ज़ै-ज़ैकार।
तिन्‍नां का शुझिआ तिन्‍नें आपणीं आछी कि
बिधाता आअ सियोन नगरी लै फिरी।
9एरुशलेम नगरीए ढूल़ी-पल़ी दी भित्तीओ
सोभ करा खल़ी उझ़ुई ज़ै-ज़ैकार!
बिधाता बच़ाऊंणी आपणीं नगरी संघा
दैणीं आपणीं परज़ा लै शांती।
10बिधाता रहैऊअ सोभी देशा का आपणअ महान बल,
ऐबै शुझणअ सोभी का कि बिधाता
आपणीं परज़ा किहअ बच़ाऊआ।#भज. 98:3; लूक. 3:16; 2:30,31
11बाबेल देशे नगरी का निखल़ा दूर,
ज़ेतरै तम्हैं पबित्र भांडै च़कणै आल़ै आसा,
तम्हैं निं किछ़ छ़ोतली च़िज़ा छ़ुंहंदै लागी,
तम्हैं करा सोभ आपणीं शुधी संघा लागा हांढदै।#2 करि. 6:17; प्रका. 18:4
12एभकी बारी निं तम्हां तुआखुई करै ठुहर्नअ लागणअ,
तम्हां निं बच़णे डअर-भगैर हणीं।
थारअ परमेशर बिधाता हणअ तम्हां आजू-आजू आप्पै अर
तेऊ डाहणैं तम्हैं फेर-फिरदै बच़ाऊई।
दुख-तकलिफी ज़िरदअ दास
13बिधाता बोला इहअ,
“मेरअ दास हणअ तेऊए काम करना लै सफल,
सह हणअ खास्सअ मशूर।#जेर. 23:5
14मेरी परज़ा हणीं तेऊ भाल़ी हक्‍की-बक्‍की,
तेऊए नर्हांग ती एतरी खोहुई दी कि सह निं मणछा ज़िहअ ज़ाण्हदअ ई आथी।#भज. 22:6,7
15पर ऐबै करने तेऊ खास्सै देशे शुधी कि तिंयां मुंह सेटा एछे,
देशा-देशे राज़ै बी हणैं तेऊ भाल़ी च़ुप्पी।
तिन्‍नां का शुझणअ अर तिन्‍नां बी एछणी एही गल्‍ल समझ़
ज़ुंण तिन्‍नैं आझ़ तैणीं नां शूणीं अर नां सोठी ती।”#रोम. 15:21; 1 करि. 2:9

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