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मूल़ 1

1
सोभै गल्‍ला बणाईं बिधाता
1सोभी का आजी बणाअं#1:1 ज़धू बिधाता संसार बणाअं
बिधाता सारअ भ्रमंड।
2तधू थिई धरती पठी शुन्‍नीं,
डुघै पाणीं प्रैंदै रहा त न्हैरअ
अर पाणीं प्रैंदै रहा त
बिधातो शाह#1:2 बिधातो बल बगदअ लागी।
पैहली-धैल़ी
3तेखअ बोलअ बिधाता, “प्रैश्शअ हअ,” संघा हुअ प्रैश्शअ।#2 करि. 4:6 4तेऊ प्रैश्शै भाल़ी हुअ बिधाता खुश। संघा किअ बिधाता प्रैश्शअ न्हैरै का ज़ुदअ। 5प्रैश्शै लै बोलअ बिधाता धैल़ी अर न्हैरै लै बोलअ राच। तधू पल़ी #1:5 इब्रानी बोली दी बोला एकी धैल़ी पूरी हणां लै एऊ साबैपैहली बारी सान्ह संघा भैई राच।
दुजी धैल़ी-सरग
6प्रैश्शै करनै का बाद बोलअ बिधाता, “पाणीं मांझ़ै लोल़ी इहअ फरक हुअ कि पाणीं लोल़ी दूई बाखा लै बांढुअ।”#2 पत. 3:5 7तेखअ बांडअ बिधाता पाणीं इहअ कि पाणीं किअ उंधै अर उझै दूई बाखा लै, सह हुअ तिहअ ई ज़िहअ बिधाता बोलअ त। 8उंधै अर उझे पाणीं मांझ़े ज़ैगा लै बोलअ बिधाता सरग। संघा पल़ी सान्ह, तेखअ भैई राच, इहअ करै हुई दुजी धैल़ी।
चिऊथी धैल़ी-शुक्‍की ज़ैगा अर डाल़-बूट
9तेखअ बोलअ बिधाता, “सरगा हेठो पाणीं लोल़ी एकी ज़ैगा कठा हुअ, संघा लोल़ी शुक्‍की ज़िम्मीं शुझुई, ज़िहअ बिधाता बोलअ, सह हुअ तिहअ ई।” #2 पत. 3:5
10बिधाता बोलअ शुक्‍की ज़ैगा लै धरती, ज़ुंण पाणीं कठा हुअ तेऊ लै बोलअ तेऊ समुंदर। आपणैं इना कामां भाल़ी हुअ बिधाता खुश।
11तेखअ बोलअ बिधाता, “धरती दी लोल़ी हरअ घाह अर बेज़ै आल़ेए होछ़ै-होछ़ै डाल़ बूट लागै, संघा लोल़ी धरती दी फल़ा दैणैं आल़ै हरेकी ज़ातीए बूट बी लोल़ी धरती दी टिप्पै।” ज़िहअ बिधाता बोलअ त, सह हुअ तिहअ ई।#1 करि. 15:38
12इहअ करै टिप्पै सारी धरती दी हरअ घाह, भांती-भांतीए ज़ातीए होछ़ै-होछ़ै डाल़-बूट अर हरेक रंगे डाल़-बूट ज़ेतो बेज़अ तिन्‍नां ई दी हआ लागअ द। आपणैं इना कामां भाल़ी हुअ बिधाता खुश।
13संघा पल़ी सान्ह, तेखअ भैई राच, इहअ करै हुई चिऊथी धैल़ी।
च़ौथी धैल़ी-सुरज़, ज़ोथ, तारै
14तेखअ बोलअ बिधाता, “राची का धैल़ी ज़ुदी करना लै लोल़ी सरगै ज़ोती हुई, अर तिंयां नछ़ैण लोल़ी धैल़ी अर साले साबै हुऐ, 15अर तिंयां ज़ोती लोल़ी सरगा का धरती दी प्रैश्शै करना लै हुई।” ज़िहअ बिधाता बोलअ त, सह हुअ तिहअ ई।
16तेखअ बणाईं बिधाता दूई ज़ोती, इना मांझ़ै खास्सै प्रैश्शै दैणैं आल़ी ज़ोती लै दैनअ धैल़ी लै काम, अर धुंमधुंमै प्रैश्शै दैणैं आल़ी ज़ोती लै दैनअ राची लै काम। संघा बणाऐं बिधाता कई भांतीए तारै बी। 17बिधाता डाही तिंयां दूई ज़ोती सरगै एते तैणीं कि तिंयां धरती दी प्रैश्शअ करे 18अर तिंयां धैल़ी अर राची आपणअ-आपणअ काम करे अर न्हैरै का प्रैश्शै ज़ुदअ करे। आपणैं इना कामां भाल़ी हुअ बिधाता खुश। 19संघा पल़ी सान्ह, तेखअ भैई राच, इहअ करै हुई च़ौथी धैल़ी।
पांज़ूई धैल़ी-पाणीं दी रहणैं आल़ै ज़ीब च़ेल्‍लू-पखीरू
20तेखअ बोलअ बिधाता, “पाणीं लोल़ी ज़िऊंदै ज़ीबा करै भरी हुअ, अर च़ेल्‍लू-पखीरू लोल़ी धरती उझै सरगै उडै।”
21इहअ करै बणाऐं बिधाता सोभै ज़ीब अर समुंदरे बडै-बडै ज़ीब, सोभी रंगे च़ेल्‍लू-पखीरू। आपणैं इना कामां भाल़ी हुअ बिधाता खुश।
22बिधाता दैनी तिन्‍नां लै इहअ बोली बर्गत, “फूला-फल़ा, अर समुंदरे पाणीं दी भर्हिया सारै दी, अर च़ेल्‍लू-पखीरू भर्हिया पृथूई दी।” 23संघा पल़ी सान्ह, तेखअ भैई राच, इहअ करै हुई पांज़ूई धैल़ी।
छ़हुई धैल़ी-धरती दी रहणैं ज़ीब
24तेखअ बोलअ बिधाता, “धरती का लोल़ी हरेकी ज़ातीए, ज़िऊंदै ज़ीब, मतलब घरेलू डागै-चैणैं, अर धरती दी हांढणै-फिरनैं आल़ै ज़ीब, अर बणें ज़ीब लोल़ी हरेकी ज़ातीए साबै पैईदा हुऐ।” ज़िहअ बिधाता बोलअ त, सह हुअ तिहअ ई।
25इहअ करै बणाऐं बिधाता धरती दी हरेकी ज़ातीए ज़िऊंदै ज़ीब, मतलब घरेलू डागै-चैणैं, अर धरती दी हांढणै-फिरनैं आल़ै ज़ीब अर हरेकी ज़ातीए बणें ज़ीब। आपणैं इना कामां भाल़ी हुअ बिधाता खुश।
26तेखअ बोलअ बिधाता इहअ, “ऐबै बणाणैं हाम्हां मणछ आपणैं रुपै आप्पू ज़िहै। ताकि तिंयां समुंदरे सारी म्हाछ़ली, सरगै डेऊणैं आल़ै सोभी च़ेल्‍लू-पखीरू, घरेलू डागै-चैणैं, पृथूई अर तेथ दी हांढणै-फिरनैं आल़ै ज़ीबा आपणैं काबू दी डाहे।”#याक. 3:9
27तेखअ बणाऐं बिधाता मणछ आपणैं रुपै आप्पू ज़िहै, तिंयां बणाऐं बिधाता मर्ध अर बेटल़ी दूई रुपै।#मोत्त. 19:4; मार्क. 10:6; शधा. 17:29; 1 करि. 11:7; कुलू. 3:10; 1 तिम. 2:13
28बिधाता दैनी तिन्‍नां लै बर्गत, संघा बोलअ तिन्‍नां लै इहअ, “फल़ा-फूला संघा भर्हिया सारी पृथूई दी अर समुंदरे म्हाछ़ली, सरगे च़ेल्‍लू-पखीरू, ज़ुंण ज़ीब धरती दी हांढा-फिरा तिन्‍नां करा आपणैं काबू तेथ दी आसा थारअ हक।”
29तेखअ बोलअ बिधाता तिन्‍नां लै, “शूणां, ऐहा सारी धरती अर 30ज़ेतरै धरती दी हांढदै-फिरदै ज़िऊंदै ज़ीब अर च़ेल्‍लू-पखीरू आसा तिन्‍नें खाणां लै आसा पृथूई दी सोभै होछ़ै-होछ़ै हरै-हरै डाल़-बूट।”
ज़िहअ बिधाता बोलअ सह हुअ तिहअ ई।
31तेखअ भाल़ी बिधाता तिंयां सोभै गल्‍ला ज़ुंण तेऊ बणाईं ती। बिधाता भाल़ी कि तिंयां सोभै गल्‍ला अर तेता भाल़ी हुअ सह खुश। संघा पल़ी सान्ह, तेखअ भैई राच, इहअ करै हुई छ़हुई धैल़ी।#1 तिम. 4:4

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