YouVersion Logo
Search Icon

आमोस 4

4
1ओ सामरी मुल्खे धारा बस्सी दी सेठ बेटल़ीओ!
ज़ुंण तम्हैं बाशान मुल्खे खुब्ब मोट्टी गाऊई ज़ेही आसा, तम्हैं शूणां समाद!
तम्हैं हंता गरीब मणछा ज़िहै नां किहै,
तम्हैं करा आपणैं मर्धा लै हुकम,
“हाम्हां लै आणा होर शराब।”
2मालक पबित्र बिधाता बोला सोह खाई तम्हां लै इहअ,
“तम्हां लै एछणैं इहै धैल़ै कि
तम्हैं निंणीं दुशमण सैना थारै नाकै खुंढू लाई होर्ता लै घिशी!
तम्हैं सोभ घिशणी म्हाछ़ली ज़ेही कुंगल़ै कांडै दी चैल़ी।
3नगरीए दुआल ज़ुंण तम्हां सम्हनै ढूल़ी दी हणीं,
तम्हैं लागणीं तेस्सी बाती आज़री हांढदी।
तम्हैं पाणीं दुशमणा थारै गहल़ा का बागै काढी दुशमणे गलाम बेटल़ीए टोली जैंदरी।
अह गल्‍ल डाही मंऐं बिधाता बोली।”
सज़ा भुगती बी निं इज़राईली सधेर आअ
4बिधाता बोला इहअ,
“इज़राईलीओ, बेतेल नगरीए बेदी सेटा डेओआ संघा करा तिधी पाप!
गिलगाल नगरीए बेदी सेटा डेऊई करा होर बी पाप!
आपणैं बल़ीदान करने पशू आणा दोत्ती-दोत्ती धैल़ अर
हर चिऊथै धैल़ै आणा पज़ैआ मांझ़ै दसुअ हेस्सअ।
5शूकर करना लै छ़ाडा बेदी दी सज़ेल़ै पाई बणाऐं दै रोट,
ज़ेभै थारअ दिल बोले, तेभै करा तेथ आपणीं मानतो बल़ीदान।
एते बारै खोज़ा तम्हैं सोभी का, किल्हैकि
तम्हैं इज़राईली झ़ूरा इहअ ई करना लै।
अह गल्‍ल डाही मंऐं मालक बिधाता बोली।
6सह त हुंह ज़ुंणीं थारी सोभी नगरी दी नकाल़ पाअ,
तज़ी बी निं तम्हैं मुंह बाखा बापस फिरै!
अह गल्‍ल डाही मंऐं बिधाता बोली।
7फसल लऊंणै का चिई भिन्‍नैं आजी ज़ेभै खास्सअ ज़रूरी हआ,
तेभै निं मंऐं सरग हणैं दैनअ।
मंऐं दैनअ एकी नगरी सरग हणैं अर
दुजी नगरी डाहअ मंऐं सरग बिझअ करी।
एकी खेचै दैनअ मंऐं पाणीं हणैं अर
दुजअ खेच शुक्‍कअ पाणीं बाझ़ी ज़ात पठी।
8खिरी हुऐ लोग भुखै-नचिशै बाख दुबल़ै,
तम्हैं डेऊए नगरी-नगरी पाणीं लोल़ै।
तम्हां निं किधी एतरअ पाणीं भेटअ कि थारी चिश मुक्‍के।
पर तज़ी बी निं तम्हैं मुंह बिधाता बाखा बापस फिरै।
9मंऐं छ़ाडी पुर्बा बाखे तात्ती बागरी,
तेता करै शुक्‍की थारी साल-फसल पठी।
रैट्टै किऐ थारै बाग अर दाखे बाग, फेडूए बाग,
जैतूने बूट खाई उज़र। तज़ी बी निं तम्हैं मुंह बिधाता बाखा बापस फिरै!
10ज़ेही माहा मरी मंऐं मिसर देशा लै छ़ाडी ती, तेही छ़ाडी मंऐं तम्हां जैंदरी,
थारै खारकै मणछ पाऐ मंऐं जुधा दी मारी अर थारै घोल़ै दैनअ लुटणैं,
थारै सैने डेरै पाऐ आगी करै दहई अर
तिन्‍नां ल्हासे बास्स पुजी थारी नाके ढुंण्हीं दी।
तज़ी बी निं तम्हैं मुंह बिधाता बाखा फिरै।
11थारअ किअ मंऐं सदोम अर अमोरा नगरीए लोगा ज़िहअ बनाश,
ज़ुंण तम्हां मांझ़ै बच़ै, तिंयां तै आगी जैंदरा का काढै दै दल़ाठा ज़िहै झल़ुशुऐ दै।
पर तज़ी बी निं तम्हैं मुंह बिधाता बाखा बापस फिरै।#मूल. 19:24
12तैही बोला हुंह बिधाता इहअ, ‘इज़राईलीओ,
मंऐं लाई तम्हां लै सज़ा दैई, मेरै नसाफा लै रहा तैर्हुई।
13मुंह नाअं आसा बिधाता, तम्हैं डाहै आद
सह आसा हुंह ज़ुंणीं बडी-बडी धारा अर बागरी बणाईं।
सह आसा हुंह ज़ुंण मणछा का आपणीं सोठ खोज़ा।
सह आसा हुंह ज़ुंण प्रैश्शअ अर न्हैरअ करा।
हुंह ई हांढा पृथूई दी सोभी का उछ़टी ज़ैगा अर
हुंह आसा सह परमेशर ज़ुंण स्वर्गे सारी सैनो मालक आसा।’”

Currently Selected:

आमोस 4: OSJ

Highlight

Copy

Compare

Share

None

Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in