2 शमूएल 24
24
दाबेदै किई आपणीं परज़े गणांई
(1 इतिहास 21:1-27)
1बिधाता त इज़राईली का खास्सअ रुश्शअ द, तेऊ दैनअ दाबेदा करै तिन्नां लै आफ़त पल़णै। बिधाता बोलअ तेऊ लै, “तूह लाग डेऊंदअ, संघा कर इज़राईल अर यहूदा बस्सै दै सोभी इज़राईलीए गणांई ज़िहअ तूह च़ाहा।” 2राज़ै दाबेदै किअ आपणैं सैनापति जोआबा लै हुकम, “तूह डेऊ आपणैं कार-करिंदै संघा निंईं उतरा बाखा दान मुल्खा उंधै दखण बेर्शेबा तैणीं सारै इज़राईली गोत्रा सेटा संघा करा सारी परज़े गणांई। हुंह च़ाहा इहअ भाल़णअ कि तिन्नां मांझ़ै केतरै मणछ आसा सैना दी डाहणैं जोगी।”
3पर जोआबै दैनअ दाबेदा लै ज़बाब, “माहा राज़अ, च़ाऐ एभै ज़ेतरै बी होए, तेरै परमेशर बिधाता बढेरनीं तेरी सैना शौ गुणा खास्सी, हई सका कि तूह इहअ हंदअ आपणीं ज़िऊंदी ज़िता आपणीं आछी भाल़े। पर हे मेरै मालक, तूह इहअ किल्है च़ाहा करनअ?” 4पर राज़ै बोलअ जोआब अर तेऊए कार-करिंदै लै, “ज़िहअ मंऐं हुकम किअ तिहअ ई करा।” तेखअ लागै तिंयां राज़ै सेटा का इज़राईली परज़े गणांई करदै हांढदै।
5तिंयां टपै जरदण नदी पार बाखा संघा पाऐ अरोर नगरीए दखणा बाखा आपणैं डेरै। अरोर नगरी थिई गाद मुल्खै मांझ़ खागा दी। तिधा का डेऊऐ तिंयां गाद अर उतरा बाखा ज़जार नगरी तैणीं। 6तिधा का डेऊऐ तिंयां गलाद अर कादेश हित्ती लोगे मुल्खै। तेखअ डेऊऐ तिंयां दान-ज़ान अर फेरअ बाही पुजै पछ़म सदोन। 7तिधा का पुजै तिंयां सूर नाओंए पाक्कै गहल़ै अर तेखअ डेऊऐ तिंयां हिब्बी अर कनानीए सोभी नगरी दी। खिरी पुजै तिंयां यहूदा मुल्खै दखण रेगीस्ताना बाखा बेर्शेबा अर इहअ करै मुक्कै तिंयां सारै इज़राईल देशै फेरी दैई। 8इहअ करै पुजै तिंयां नौ भिन्नैं अर बिहा धैल़ै बाद सारै देशै फेरी दैई एरुशलेम नगरी बापस फिरी। 9तेखअ दैनअ जोआब अर तेऊए कार-करिंदै राज़ै का परज़े गणांईओ पठी साब खोज़ी, “माहा राज़अ, इज़राईला दी आसा कोई आठ लाख मणछ ज़ुंण सैना दी च़ाकरी सका दैई अर यहूदा मुल्खै आसा कोई पांज़ लाख।”
10पर इज़राईली परज़े ऐहा गणांई करनै का बाद हुअ दाबेद राज़अ दुखी संघा बोलअ तेऊ बिधाता लै, “इहअ करी किअ मंऐं घोर पाप! ज़ीबाण, मेरै एऊ ऐडै कामां लै छ़ाड तूह मुल्है माफी।” 11राज़ै दाबेदो त आपणअ एक गूर तेऊ नाअं त गाद। बिधाता बोलअ तेऊ का, “तूह डेऊ दाबेद राज़ै सेटा संघा बोल तेऊ लै इहअ, 12‘मंऐं लाई ताल्है पल़णै आल़ी चअन आफ़ता रहैऊई, तूह छ़ांट तेता मांझ़ै एक कि हुंह ताह प्रैंदै तेथ मांझ़ै किज़ै आफ़त पाऊं?’” ज़ांऊं दुजै धैल़ै दाबेद राज़अ उझ़ुअ, 13गाद डेऊअ तेऊ सेटा, संघा खोज़अ तेऊ कि बिधाता बोला ताल्है इहअ-इहअ। तेखअ पुछ़अ दाबेदा का इहअ, “ताह आप्पू लै कुंण ज़ेही सज़ा लोल़ी? आपणैं देशै चिई साला तैणीं घोर नकाल़? कि चिई भिन्नैं तैणीं तेरै दुशमण ताह पिछ़ू रहे पल़ी? कि चिई धैल़ै तैणीं तेरै देशै माहा-मरी लोल़ी पल़ी? ऐबै कर तूह राम्बल़ै करै बच़ार संघा खोज़ मुखा कि हुंह बिधाता लै किज़ै ज़बाब दैंऊं बापस?”
14दाबेद राज़ै बोलअ गाद गूरा लै, “मुल्है पल़ी अह बेघै बूरी आफ़त! हुंह निं च़ाहंदअ कि कुंण मणछ मुल्है सज़ा दैए। बिधाता दै हाम्हां लै आप्पै सज़ा दैणैं, तेऊए झींण आसा महान।” 15बिधाता पाई तेखअ तैहा दोत्ती पोर्ही इज़राईला मांझ़ै माहा-मरी। सह रही चिई धैल़ै तैणीं पल़ी। उतरा बाखा दान उंधै दखण बेर्शेबा तैणीं मूंऐं सारै इज़राईल देशै सत्तर हज़ार मणछ। 16ज़ांऊं बिधातो स्वर्ग दूत एरुशलेम नगरी पठी खतम करनै आल़अ त, बिधाता किअ सह मारनै आल़अ स्वर्ग दूत पिछ़ू, “ऐबै हुअ बतेर्हअ!” तेभै त सह स्वर्ग दूत अरोना नाओंए एकी जबेशी मणछे खहल़ै।
17दाबेदा का शुझुअ सह स्वर्ग दूत आपणीं आछी ज़ुंण परज़ा मारदअ त लागअ द, तेखअ बोलअ दाबेदै बिधाता लै, “अह आसा पठी मेरअ कशूर, मेरै भलै हुई गलती, इनै रैनै-गरीब मणछो निं किछ़ै कशूर आथी! बिधाता, मेरै परमेशर, तूह दै मुल्है अर मेरै टबरा लै सज़ा, इना होरी लोगा निं मारी आथी”
18तैहा ई धैल़ी डेऊअ तेखअ गाद दाबेदा सेटा लै संघा बोलअ तेऊ लै इहअ, “अरोना जबेशीए खहल़ा लै डेऊ संघा बणा तिधी बिधाता लै एक बेदी।”
19ज़िहअ बिधाता हुकम किअ, दाबेदै किअ तिहअ ई संघा डेऊअ तिधा लै ज़िहअ गाद गूरै तेऊ का खोज़अ। 20अरोना भाल़अ उंधै अर तेऊ का शुझुऐ कि राज़अ दाबेद अर तेऊए कार-करिंदै आसा तेऊ बाखा लै उझै एछदै लागै दै। सह पल़अ दाबेदा सेटा उटी बाखा धरनीं माथै टेक्कदअ, 21संघा पुछ़ा अरोना राज़ै का इहअ, “मेरै मालक, आझ़ किहअ हुअ तेरअ इधा लै एछणअ?”
दाबेदै दैनअ तेऊ लै ज़बाब, “मंऐं लाअ ताखा तेरअ खहल़ मोलै लई, संघा लाई बिधाता लै इधी बेदी बणाईं ताकि सह परज़ा मांझ़ा का ऐहा माहा-मरी दूर करे।”
22अरोना बोलअ राज़ै दाबेदा लै, “मेरै मालक, तूह लाग निंदअ, संघा दै बिधाता लै ज़िहअ तूह च़ाहा तिहअ। इधी आसा भाल़ मेरै बल्द हूम बल़ी करना लै, खहल़ा मांडणे चाण अर हल़-जूँ हणैं बेदी दी आगी ज़ाल़णा लै।” 23अरोना दैनी ईंयां सोभै गल्ला राज़ै दाबेदा लै संघा बोलअ इहअ, “मेरी आसा बिधाता का एही अरज़ कि बिधाता लोल़ी त तेरी हूम बल़ी करै खुश हुअ।”
24पर राज़ै दाबेदै बोलअ अरोना लै, “मुंह निं ईंयां एही लोल़ी, मुंह दैणअ ताल्है एतो मोल। मुंह निं बिधाता लै इहअ हूम बल़ीदान करनअ ज़ेतो मंऐं मोल ई निं आथी दैनअ द।” तेखअ दैनअ अरोना लै बल्दो अर खहल़े ज़ैगो पज़ाह च़ंदीए सिक्कै मोल। 25तेखअ च़िणीं तिधी तेऊ बिधाता लै एक बेदी संघा किअ तेथ हूम अर मेल़-ज़ोल़ो बल़ीदान। बिधाता शूणीं दाबेद राज़े अरज़ संघा किई इज़राईला मांझ़ा का माहा मरी दूर।
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2 शमूएल 24: OSJ
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