2 शमूएल 16
16
दाबेद अर सिबू
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2 शमू. 9:9,10 ज़ांऊं दाबेद जैतून धारे च़ुंडी पोर्ही ज़िहअ डेऊअ, तेऊ भेटअ तिधी नच़ानक मोपीबशेतो दास सिबू, तेऊ तै आप्पू संघै ज़ोल़ी गाधै दी दूई शौ रोटी, एक शौ दाखे टिक्की, ताज़ै फल़े शौ गांठल़ी अर एक खाल्हल़अ दाखे रसो लादी आणै दै। 2राज़ै पुछ़अ सिबू का, “तंऐं किज़ू आणी ईंयां च़िज़ा?”
सिबू दैनअ ज़बाब, “माहा राज़अ, ईंयां गाधै आसा तेरै टबरा लै शुंआरी, रोटी अर ताज़ै फल़ आसा ताह संघै मणछा लै खाणां लै अर अह दाखे रसे खाल्हल़ी आसा एते तैणीं, ज़ै तम्हैं रेगीस्तानै हांढदी थके, तै हणअ तम्हां एता का झुटणा लै।”#2 शमू. 19:25-27
3दाबेदै पुछ़अ तेऊ का, “तेरअ मालक मोपीबशेत किधी आसा?” सिबू बोलअ, “सह रहअ एरुशलेम नगरी ई, किल्हैकि तेऊ आसा ऐबै एही आशा कि इज़राईली हेरनअ ऐबै मेरै दादू शाऊलो राज़ मुल्है बापस दैई।”
4राज़ै दाबेदै बोलअ सिबू लै, “ज़ुंण बी ज़ैदात मोपीबशेते आसा, सह आसा ऐबै तेरी।”
सिबू बोलअ इहअ, “मेरै मालक, हुंह आसा तेरअ दास, मुंह करै लोल़ी तूह सदा खुश रहअ!”
दाबेद अर शिमी
5ज़ांऊं राज़अ दाबेद बहूरीम पुजअ, शाऊलो एक टबर गेरो शोहरू शिमी आअ दाबेदा सेटा तेऊ लै फिटक दैंदी मिलदअ। 6शिमी लागअ राज़ै दाबेद अर तेऊए कार-करिंदै लै पात्थरै बाहंदअ, दाबेदा फेर त सपाही घेरअ डाहअ द पाई। 7शिमी लागअ दाबेदा लै बखर्दअ अर एही गाल़ी दैंदअ, “इधा का डेऊ दूर! तूह कदुष्ट हअ दूर! डेऊ इधा का तूह पापी! तूह हत्या करनै आल़अ! 8तंऐं खाअ शाऊलो राज़, ऐबै आसा बिधाता ताल्है शाऊले सारै खिंबे हत्या करने सज़ा दैंदअ लागअ द। ताह हुई भली! बिधाता छ़ड़ैऊअ तेरै हाथा का राज़ संघा दैनअ तेरै शोहरू अबशलोमा लै, किल्हैकि तूह आसा खुंनी, तंऐं पाई आप्पू लै आफ़त आप्पै।”
9अबीशै ज़सरी ईज सरूयाह थिई, तेऊ बोलअ राज़ै दाबेदा लै, “मेरै मालक, तूह किल्है आसा एऊ कुक्करे खाखा का आप्पू लै गाल़ी शुणदअ लागअ द? मुल्है दै ज़ाज़त एऊओ लाअ मंऐं एभी तलबारा करै मुंडकअ धरनीं शोटी!”
10राज़ै दाबेदै दैनअ ज़बाब, “नां, सरूयाहे शोहरूओ, तम्हां का कुंणी मांगी सलाह? ज़ै एऊ लै बिधाता बोलअ होए, ‘दाबेदा लै एछ फिटक दैई,’ तै निं एऊ का इहअ पुछ़णेंओ कोही हक आथी कि तंऐं इहअ किल्है किअ!”
11तेखअ बोलअ दाबेदै अबीशै अर आपणैं सोभी कार-करिंदै लै, “ज़ै मेरअ आपणअ ई शोहरू मुंह मारदअ मेरै पिछ़ै आसा पल़अ द, तै निं ऐहा गल्ला लै रहैन हआ कि एऊ बिन्यामीन गोत्रे मणछै किअ इहअ। एऊ दैआ रहणैं, एऊ दैआ ज़िहअ एऊओ दिल बोला तेही गाल़ी दैणैं। हई सका कि एऊ लै बिधाता होए बोलअ द कि अह मुल्है फिटक दैए। 12इहअ बी सका हई कि बिधाता मुंह संघै हंदै एऊ उपद्रभा भाल़ी मुल्है फिटक पल़णें बदल़ै धख बर्गत दैई हेरे।” 13तेखअ लागै दाबेद अर तेऊ संघै तिंयां सोभ ज़ण्हैं बाता आजू हांढदै। शिमी रहअ तिन्नां उझै धारठी प्रैंदी पोर्ही तिन्नां ई संघै हांढदी-हांढदी गाल़ी दैई फिटक दैंदअ लागी अर तिन्नां लै पात्थर अर धूल़अ-माट्टअ शोटदअ लागी। 14तेखअ पुजै राज़अ अर तेऊ सोभ आदमी आजू जरदण नदी नेल़, तिंयां थिऐ खास्सै थकै दै, तेखअ किअ तिन्नैं तिधी राम।
अबशलोम पुजअ एरुशलेम नगरी
15अबशलोम अर तेऊ संघै ज़ेतरै इज़राईली थिऐ, तिंयां पुजै एरुशलेम नगरी अर आहीतपेल बी थिअ तिन्नां संघै। 16ज़ांऊं दाबेदो खास साथी अरेकी ज़ातीओ हुशाई अबशलोमा सेटा मिलदअ डेऊअ, तेऊ बोलअ ज़ोरै-ज़ोरै, “राज़े लोल़ी लाम्मी अमर हुई! राज़े लोल़ी लाम्मी अमर हुई!”
17अबशलोमै पुछ़अ तेऊ का इहअ, “इहअ करै नभाऊई तंऐं आपणैं साथी दाबेदा संघै साथ? तूह तेऊ संघै किल्है निं डेऊअ?”
18हुशाई दैनअ अबशलोमा लै ज़बाब, “हुंह किहअ करै सका डेऊई? हुंह आसा तेऊ संघै ज़ुंण बिधाता अर इज़राईली आप्पू लै राज़अ छ़ांटअ। मुंह रहणअ ताह ई संघै। 19एही बी मुंह किल्है निं करनीं तेरी च़ाकरी? ज़िहअ हुंह तेरै बाबा लै सलाहकार थिअ, तिहअ ई हणअ हुंह ऐबै तेरअ सलाहकार!”
20तेखअ फिरअ अबशलोम आहीतपेला बाखा संघा बोलअ इहअ, “तम्हैं बी आसा इधी हैनूं, एता लै थारी कै सलाह आसा?”
21आहीतपेलै दैनअ अबशलोमा लै ज़बाब, “तूह डेऊ संघा ज़ुंण तेरै बाबै आपणीं डाही दी बेटल़ी मैहलै फाज़त करदी पिछ़ू आसा छ़ाडी दी, तूह सुत्त तिन्नां सोभी संघै। ज़ांऊं सोभी इज़राईली ऐहा गल्लो थोघ लागणअ कि तेरअ बाब समझ़ा ताह आपणअ दुशमण, तेखअ एछणी तेरै आदमी खास्सी हिम्मत।” 22तिन्नैं किअ मैहला प्रैंदै अबशलोमा लै एक खिम्भ खल़अ। संघा सुत्तअ अबशलोम तिधी तेऊ संघै सोभी इज़राईली नदरी आपणैं बाबे डाही दी बेटल़ी संघै बारी-बारी!#2 शमू. 12:11,12
23तिन्नां धैल़ै ज़ुंण सलाह आहीतपेल दैआ त, तेऊए सलाह मना तै एही कि ज़िहै तिंयां बैण आसा परमेशरे। दाबेद बी मना तै तिहअ ई अर अबशलोम बी।
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2 शमूएल 16: OSJ
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