गिनती 20
20
चट्टान सी पानी निकलनो
(निर्गमन १७:१-7 )
1पहिलो महिना म पूरी इस्राएली मण्डली को लोग सीनै नाम को जंगल म आय गयो, अऊर कादेश म रहन लग्यो; अऊर वहां मरियम मर गयी, अऊर वहांच ओख माटी दी गयी।
2वहां मण्डली को लोगों लायी पानी नहीं मिल्यो; येकोलायी हि मूसा अऊर हारून को खिलाफ जमा भयो। 3अऊर लोग यो कह्य क मूसा सी झगड़न लग्यो, “भलो होतो कि हम उच समय मर जातो जब परमेश्वर को सामने हमरो भाऊ मर गयो होतो! 4अऊर तुम परमेश्वर की मण्डली ख यो जंगल म कहाली ले आयो हय कि हम अपनो पशुवों सहीत यहांच मर जाये? 5अऊर तुम न हम्ख मिस्र देश सी कहाली निकाल क या बुरी जागा म पहुंचायो हय? यहां त अनाज, यां अंजीर, यां अंगूर, यां अनार, कुछ भी नहाय, यहां तक कि पीवन ख पानी भी नहाय।” 6तब मूसा अऊर हारून मण्डली को सामने सी मिलाप वालो तम्बू को दरवाजा पर जाय क अपनो मुंह को बल गिरयो। अऊर परमेश्वर को तेज उन्ख दिखायी दियो।
7तब परमेश्वर न मूसा सी कह्यो, 8“वा लाठी ख ले, अऊर तय अपनो भाऊ हारून सहीत मण्डली ख जमा कर क् उन्को देखतो वा चट्टान सी बाते कर, तब वा अपनो पानी देयेंन; यो तरह सी तय चट्टान म सी उन्को लायी पानी निकाल क मण्डली को लोगों ख अऊर उन्को पशुवों ख पिलाव।” 9परमेश्वर की या आज्ञा को अनुसार मूसा न ओको सामने सी लाठी ख उठाय लियो।
10मूसा अऊर हारून न मण्डली ख वा चट्टान को सामने जमा करयो, तब मूसा न ओकोसी कह्यो, “हे दंगा करन वालो, सुनो; का हम्ख या चट्टान म सी तुम्हरो लायी पानी निकालनो पड़ेंन?” 11तब मूसा न हाथ उठाय क लाठी चट्टान पर दोय बार मारी; अऊर ओको म सी बहुत पानी निकल्यो, अऊर मण्डली को लोग अपनो पशुवों सहीत पीवन लग्यो।
12पर मूसा अऊर हारून सी परमेश्वर न कह्यो, “तुम न जो मोरो पर विश्वास नहीं करयो, अऊर मोख इस्राएलियों की नजर म पवित्र नहीं ठहरायो, येकोलायी तुम या मण्डली ख ऊ देश म पहुंचाय नहीं सको जेख मय न उन्ख दियो हय।”
13ऊ झरना को नाम मरीबा पड़्यो, कहालीकि इस्राएलियों न परमेश्वर सी झगड़ा करयो होतो, अऊर ऊ उन्को बीच पवित्र ठहरायो गयो।
एदोम को राजा न इस्राएल ख जान सी मना करयो
14तब मूसा न कादेश सी एदोम को राजा को जवर दूत भेज्यो, “तोरो भाऊ इस्राएल यो कह्य हय : हम पर जो जो कठिनायी आयी हंय वा तय जानत होना; 15मतलब यो कि हमरो पूर्वज मिस्र म गयो होतो, अऊर हम मिस्र देश म बहुत दिन रह्यो; अऊर मिस्रियों न हमरो पूर्वजों को संग अऊर हमरो संग भी बुरो बर्ताव करयो; 16पर जब हम न परमेश्वर की दोहायी दी तब ओन हमरी सुनी, अऊर एक दूत ख भेज क हम्ख मिस्र देश सी निकाल क लायो हय; येकोलायी अब हम कादेश नगर म हंय जो तोरीच सीमा पर हय। 17अब हम्ख अपनो देश म सी होय क जान दे। हम कोयी खेत यां अंगूर की बाड़ी म सी होय क नहीं चलबों, अऊर कुंवा को पानी नहीं पीबों; अऊर सड़क सड़क होय क चलतो जाबो, अऊर जब तक तोरो देश सी बाहेर नहीं होय जाबो, तब तक नहीं दायो तरफ मुड़बोंन नहीं बायो तरफ मुड़बोंन।”
18पर एदोमियों न ओको सी कह्यो, “तय मोरो देश म सी होय क मत जा, नहीं त मय तुम्हरो खिलाफ तलवार ले क बाहेर निकलूं।”
19इस्राएलियों न ओको जवर फिर सन्देश भेज्यो, “हम सड़कच सड़क चलबों, अऊर यदि हम अऊर हमरो पशु तोरो पानी पीयेंन, त ओको दाम देबो, हम्ख अऊर कुछ नहीं, केवल पैदल चल क जान दे।”
20पर एदोमियों न कह्यो, “तुम यहां सी नहीं जाय सकय।” अऊर एदोम बड़ी शक्तिशाली सेना ले क ओको सामना करन निकल आयो। 21यो तरह एदोम न इस्राएल ख अपनो देश म सी होय क जान देन सी इन्कार करयो; येकोलायी इस्राएली एदोम सी मुड़ क दूसरो रस्ता सी चली गयो।
हारून की मृत्यु
22तब इस्राएलियों की पूरी मण्डली कादेश सी निकल क होर नाम की पहाड़ी को जवर आय गयो। 23अऊर एदोम देश की सीमा पर होर नाम की पहाड़ी म परमेश्वर न मूसा अऊर हारून सी कह्यो, 24“हारून अपनो पूर्वजों म जाय क मिल जायेंन; कहालीकि ऊ ऊ देश म जानो नहीं पायेंन, जो मय न इस्राएलियों को घराना ख दियो हय। कहालीकि तुम दोयी न मरीबा नाम को सोता पर मोरो कहनो छोड़ क मोरो संग विद्रोह करयो हय। 25येकोलायी तय हारून अऊर ओको टुरा एलीआज़ार ख होर पहाड़ी पर ले क चल; 26अऊर हारून को कपड़ा उतार क ओको टुरा एलीआज़ार ख पहिनाजो; तब हारून वहांच मर क अपनो बापदादों म मिल जायेंन।” 27परमेश्वर कि या आज्ञा को अनुसार मूसा न करयो; अऊर हि पूरी मण्डली को देखतोच होर पहाड़ी पर चढ़ गयो। 28#निर्गमन २९:२९; गिनती ३३:३८तब मूसा न हारून को कपड़ा उतार क ओको टुरा एलीआज़ार ख पहिनायो अऊर हारून वहांच पहाड़ी की सेंडी पर मर गयो। तब मूसा अऊर एलीआज़ार पहाड़ी पर सी उतर आयो। 29अऊर जब इस्राएल की पूरी मण्डली न देख्यो कि हारून को जीव निकल गयो हय, तब इस्राएल को सब घराना को लोग ओको लायी तीस दिन तक शोक मनायो।
The Lodhi Bible © The Word for the World International and Lodhi Translation Samithi, Gondia, Maharashtra 2025