नहेम्याह 1
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यरुशलेम खात्तर चिंतित नहेम्याह
1हकल्याह के बेट्टे नहेम्याह के वचन। जिब राजा अर्तक्षत्र फारस का सम्राट था बीसवें साल के किसलेव#1:1 किसलेव किसलेव का महीना बेबीलोनियाई कैलेंडर का नौवां महीना था। (जकर्याह 7:1) यो आध्धे नवम्बर तै आध्धे दिसम्बर तक का समय सै। नाम के महिन्ने म्ह, जिब मै शूशन नाम के राजगढ़ म्ह रहया करुँ था, 2फेर हनानी नाम का मेरा एक भाई अर यहूदा तै आए होए कई और आदमी आए; फेर मन्नै उनतै उन बचे होए यहूदियाँ कै बारै म्ह जो गुलाम्मी तै छूट गे थे, अर यरुशलेम कै बारै म्ह पूच्छया। 3उननै मेरै तै कह्या, “जो बचे होए माणस गुलाम्मी तै छूट कै उस यहूदिया परदेस म्ह रहवै सैं, वे बड्डी बुरी हालत म्ह पड़े सैं, अर उनकी बेजती होवै सै; क्यूँके यरुशलेम की शहरपनाह टूटी होई, अर उसके फाटक जळे होए सैं।”#1:3 यरुशलेम की शहरपनाह टूटी होई शहरपनाह के दोबारा बणाण का काम सूडो स्मेरदिस के बखत म्ह रुकवा दिया गया था। (एज्रा 4:12-24) वो इब भी खण्डहर ए था। अश्शूरों की मूर्तिकला तै विदित होवै सै के नगर द्वार जळा देणा उस बखत का एक आम रिवाज था।
4या बात सुणदे ए मै बैठकै रोण लाग्या अर कुछ दिनां ताहीं बिलाप करदा रहया; अर सुर्ग के परमेसवर कै धोरै उपवास करदा अर न्यू कहकै प्रार्थना करदा रहया। 5“हे सुर्ग के परमेसवर यहोवा, हे महान अर भययोग्य परमेसवर! तू जो अपणे प्रेम करण आळे अर हुकम मान्नण आळे के बारै म्ह अपणा करार पाळदा अर उनपै करुणा करै सै; 6तू कान लगाऐ अर आँख खोल्ले रह, के जो प्रार्थना मै तेरा दास आज इस बखत तेरे सेवकां इस्राएलियाँ कै खात्तर दिन-रात करदा रहूँ सूं, उसनै तू सुण ले। मै इस्राएलियाँ के पापां नै जो हमनै तेरै खिलाफ करे सैं, मान लेऊँ सूं। मन्नै अर मेरे पिता के कुण्बे दोनुआं नै पाप करया सै। 7हमनै तेरै स्याम्ही घणी बुराई करी सै, अर जो हुकम, विधि अर नियम तन्नै अपणे दास मूसा तै दिए थे, उन ताहीं हमनै न्ही मान्या। 8उस वचन की सुधि ले, जो तन्नै अपणे दास मूसा तै कह्या था, ‘जै थम बिश्वासघात करो, तो मै थमनै देश-देश के माणसां म्ह तित्तर-बितर करुँगा। 9पर जै थम मेरी ओड़ फिरो, अर मेरे हुकमां नै मान्नो, अर उनपै चाल्लों, तो चाहे थारै म्ह तै लिकाड़े होए माणस अकास के किसे छोर म्ह भी हों, फेर भी मै उननै ओड़ै तै कठ्ठा करकै उस जगहां म्ह पोहचाऊँगा, जिस ताहीं मन्नै अपणे नाम के निवास#1:9 नाम के निवास व्यवस्थाविवरण 30:1-4 कै खात्तर चुण लिया सै।’ 10इब वे तेरे दास अर तेरी प्रजा के माणस तै जिन ताहीं तन्नै अपणी बड्डी ताकत अर बलवन्त हाथ के जरिये छुड़ा लिया सै। 11हे प्रभु बिनती यो सै, के तू अपणे दास की प्रार्थना पै, अर अपणे उन दास्सां की प्रार्थना पै, जो तेरै नाम का डर मानणा चावै सैं, कान लगा, अर आज अपणे दास का काम सफल कर, अर उस माणस नै उनपै दयालु कर।”
मै तो राजा का प्याण आळा था।
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नहेम्याह 1: BGC
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