2 इतिहास 35
35
योशिय्याह का करया होया फसह
1राजा योशिय्याह नै यरुशलेम म्ह यहोवा खात्तर फसह त्यौहार मान्या अर पैहले महिन्ने के चौदहवें दिन म्ह फसह का पशुबलि करया गया#35:1 पैहला महीना हिब्रू कैलेंडर के पैहले महिन्ने के बारै म्ह बतावै सै, जो आज के ग्रेगोरियन कैलेंडर म्ह मार्च कै बीच तै अप्रैल कै बीच तक, 1 इतिहास 12.15 अर 2 इतिहास 29.3 तै मेल खावै सै। 2उसनै याजकां ताहीं अपणे-अपणे काम म्ह ठैहराया, अर यहोवा के भवन म्ह सेवा करण नै उनकी हिम्मत बँधाई। 3फेर लेवीय जो सारे इस्राएलियाँ नै सिखान्दे अर यहोवा खात्तर पवित्र ठहरै थे, उनतै उसनै कह्या, “थम पवित्र सन्दूक नै उस भवन म्ह राक्खो#35:3 पवित्र सन्दूक नै उस भवन म्ह राक्खो योशिय्याह के जरिये जरूरी सुधार के समय वाचा का सन्दूक किमे समय के लिए ओड़ै से हटाया गया होगा। जो दाऊद के बेट्टे इस्राएल के राजा सुलैमान नै बणवाया था; इब थमनै कंध्यां पै बोझ ठाणा ना होवैगा। इब अपणे परमेसवर यहोवा की अर उसकी प्रजा इस्राएल की सेवा करो। 4इस्राएल के राजा दाऊद अर उसके बेट्टे सुलैमान दोनुवां की लिक्खी होई विधियाँ कै मुताबिक, अपणे-अपणे पितरां कै मुताबिक, अपणे-अपणे दल म्ह त्यार रहो। 5थारे भाईयाँ के पितरां के घरान्यां के हिस्यां कै मुताबिक पवित्र जगहां म्ह खड़े रहो, यानिके उनके एक भाग खात्तर लेवियाँ के एक-एक पित्तर के घराने का एक भाग हो। 6फसह के पशुआं नै बलि करो, अर अपणे-आपनै पवित्र करकै अपणे भाईयाँ के खात्तर तैयारी करो के वे यहोवा के उस वचन कै मुताबिक कर सकै, जो उसनै मूसा के जरिये कह्या था।”
7फेर योशिय्याह नै सारे माणसां ताहीं जो ओड़ै मौजूद थे, तीस हजार भेड्डां अर बकरियाँ के बच्चे अर तीन हजार बळध दिए थे; ये सारे फसह के बलिदानां खात्तर राजा की सम्पत्ति म्ह तै दिए गए थे। 8उसके हाकिमां नै प्रजा के माणसां, याजकां अर लेवियाँ ताहीं स्वेच्छाबलियां खात्तर पशु दिए। अर हिल्किय्याह, जकर्याह अर यहीएल नाम के परमेसवर के भवन के प्रधानां नै याजकां ताहीं दो हजार छः सौ भेड़-बकरियाँ अर तीन सौ बळध फसह के बलिदानां खात्तर दिए। 9कोनन्याह नै अर शमायाह अर नतनेल जो उसके भाई थे, अर हशब्याह, यीएल अर योजाबाद नाम के लेवियाँ के प्रधानां नै लेवियाँ ताहीं पाँच हजार भेड़-बकरियाँ, अर पाँच सौ बळध फसह के बलिदानां खात्तर दिए। 10इस तरियां उपासना की त्यारी होगी, अर राजा के हुकम कै मुताबिक याजक अपणे-अपणे जगहां पै, अर लेवीय अपणे-अपणे दल म्ह खड़े होए। 11फेर फसह के पशुबलि लेवियाँ कै जरिये करे गए, अर याजक बलि करण आळयां के हाथ तै लहू नै लेकै छिड़क देन्दे अर लेवीय उनकी खाल तारदे गए। 12फेर उननै होमबलि के पशु ज्यांतै अलग करे के उननै माणसां के पितरां के घरान्यां के हिस्यां कै मुताबिक दें, के वे उननै यहोवा खात्तर चढ़वा दें जिसा के मूसा की किताब म्ह लिख्या सै; अर बळधां तै भी उननै उसे तरियां करया। 13फेर उननै फसह के पशुआं का माँस विधि कै मुताबिक आग म्ह भून्या, अर पवित्र चिज्जां, हाँड़ियाँ अर हण्डों अर थाळियाँ म्ह घाल कै फुर्ती तै माणसां ताहीं पोंहचा दिया। 14फेर उननै अपणे खात्तर अर याजकां कै खात्तर तैयारी करी, क्यूँके हारुन की सन्तान के याजक होमबलि के पशु अर चर्बी रात ताहीं चढ़ान्दे रहे, इस कारण लेवियाँ नै अपणे खात्तर अर हारुन की सन्तान के याजकां कै खात्तर तैयारी करी। 15आसाप के वंश के गवैये, दाऊद, आसाप, हेमान अर राजा के दर्शी यदूतून के हुकम कै मुताबिक अपणी-अपणी जगहां पै रहे, अर द्वारपाल एक-एक फाटक पै रहे। उननै अपणा-अपणा काम छोड़णा ना पड़या#35:15 गायक अर द्वारपाल अपणे-अपणे स्थानां पैए रहे जबकि अन्य लेवी उनके जगहां म्ह बलि चढ़ावै थे अर उनके लिए मेम्नों का भाग ले आवै थे।, क्यूँके उनके भाई लेवियाँ नै उनके खात्तर तैयारी करी।
16आखर उसे दिन राजा योशिय्याह के हुकम कै मुताबिक फसह मनाण अर यहोवा की वेदी पै होमबलि चढ़ाण कै खात्तर यहोवा की सारी उपासना की त्यारी करी गई। 17जो इस्राएली ओड़ै मौजूद थे उननै फसह ताहीं उसे बखत अर अखमीरी रोट्टी के त्यौहार ताहीं सात दिन तक मान्या। 18इस फसह के बराबर शमूएल नबी के दिनां तै इस्राएल म्ह कोए फसह मनाया न्ही गया था, अर ना इस्राएल के किसे राजा नै इसा मनाया, जिसा योशिय्याह अर याजकां, लेवियाँ अर जितने यहूदी अर इस्राएली मौजूद थे, उननै अर यरुशलेम के बासिन्दया नै मनाया। 19यो फसह योशिय्याह के राज्य के अठारहवें साल म्ह मनाया गया।
योशिय्याह की मौत अर उसके राज्य का अन्त
20इसकै बाद जिब योशिय्याह भवन नै त्यार कर चुक्या, फेर मिस्र के राजा नको नै फरात कै धोरै के कर्कमीश नगर तै लड़ण नै चढ़ाई करी, अर योशिय्याह उसका सामना करण नै गया। 21पर उसनै उसके धोरै दूत्तां तै कुह्वा भेज्जा, “हे यहूदा के राजा मेरा तेरे तै के काम! आज मै तेरे पै न्ही उसे कुल पै चढ़ाई कर रह्या सूं, जिसके गैल मै युद्ध करुँ सूं; फेर परमेसवर नै मेरे तै फुर्ती करण नै कह्या सै। ज्यांतै परमेसवर जो मेरे गैल सै, उसतै अलग रह, कदे इसा ना हो के वो तन्नै नाश करै।” 22पर योशिय्याह नै उसतै मुँह ना मोड्या, बल्के उसतै लड़ण खात्तर भेष बदल्या, अर नको के उन वचनां ताहीं ना मान्या जो उसनै परमेसवर की और तै कहे थे, अर मगिद्दो की तराई म्ह उसतै युद्ध करण नै गया। 23फेर धनुर्धारियाँ नै राजा योशिय्याह की और तीर छोड़े; अर राजा नै अपणे सेवकां तै कह्या, “मै घणा घायल होग्या सूं, ज्यांतै मन्नै उरै तै ले चाल्लों।” 24फेर उसके सेवकां नै उस ताहीं रथ पै तै तारकै उसके दुसरे रथ पै चढ़ाया, अर यरुशलेम म्ह लेगे। ओड़ै वो मर ग्या अर उसके पुरखां के कब्रिस्तान म्ह उस ताहीं माट्टी दी गई। यहूदियाँ अर यरुशलेमियाँ नै योशिय्याह खात्तर बिलाप करया। 25यिर्मयाह नै योशिय्याह खात्तर बिलाप का गीत बणाया अर सारे गाणआळे अर गाण आळी अपणे बिलाप के गीतां म्ह योशिय्याह की चर्चा आज ताहीं करै सैं। इनका गाणा इस्राएल म्ह एक विधि कै बराबर ठहराया गया अर ये बात विलाप गीतां म्ह लिक्खी होई सैं। 26योशिय्याह के और काम अर भगति के जो काम उसनै उसे कै मुताबिक करे जो यहोवा के नियम-कायदे म्ह लिख्या होया सै। 27शरु तै अन्त ताहीं उसके सारे काम इस्राएल अर यहूदा के राजयां के इतिहास की किताब म्ह लिखे होए सैं।
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