जइसे कि पबित्र-शास्त्र कहात हए,
“परमेश्वरको नजरमे कोइ फिर धार्मि नाए हए, एकौ नाए।
अच्छो बात बुझन बारो नेहात्तओ कोइ नैयाँ;
कोइ फिर परमेश्वरके जानन नाए चाँहत हए।
बे परमेश्वरके इन्कार करी हएं, सबके-सब बाके ताहीं काम नाए लगन बारे हुइगए हएं;
भलाइ काम करन बारे कोइ नैयाँ, एकौ नाए हएं।