वाणे बङी अवाजी लारे साङ मारती कर केहले, हे मालिक, “हे पवित्र, ते सच्चा प्रभु, तु कब तक न्यां नी करे ते धरती चे रेहणे आला कनु अम्चे लुहींया चा बदला कब तक नी गिहे?” वांचे महु हर-हेक नु चिट्टी ओढ़णी ङिली गेली, ते वानु केहले गेले कि, “नेरा थोड़ी देर तक आराम करा, जब तक कि तम्चे लारे चे दास ते भऊ जको तम्चे आलीकर मरीजणे आले छी, वांची वी गिणती पुरी ना हुती गिहो।”