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भज़न 41:1
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
तिन्नां मणछा लै आसा खास्सी बर्गत ज़ुंण रैनै-गरीबो खैल डाहा, खरीए पलका करा तिन्नें हेर-सभाल़ बिधाता आप्पै।
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भज़न 41:3
ज़ेभै तिंयां दाहुऐ दै होए, बिधाता करनै तिंयां पठी नरोगै।
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भज़न 41:12
तंऐं डाहअ हुंह ज़िऊंदअ बच़ाऊई किल्हैकि हुंह आसा नर्दोश, ताह डाहणअ हुंह सदा-सदा लै आप्पू संघै।
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भज़न 41:4
मंऐं किई अरज़, “हे बिधाता, मंऐं किऐ ताल्है पाप, मुल्है कर झींण अर मुंह दै ताज़ै-नरोगै करी।
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