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भज़न 24:1
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
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सारी पृथूई अर तेते हर च़िज़ा आसा बिधाते, सारअ संसार अर सोभै मणछ बी आसा बिधाते।
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भज़न 24:10
महान प्रतप्पी राज़अ कुंण आसा? सह आसा स्वर्गे सारी सैनो मालक बिधाता।
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भज़न 24:3-4
बिधाते धारा प्रैंदै कुंण सका उखल़ी? तेऊए पबित्र ज़ैगा कुंण सका खल़अ हई? सिधै तिंयां ज़सरै काम अर बच़ार भलै आसा, ज़ुंण मुहुर्ती नांईं पूज़दै अर ज़ुंण झ़ुठी ज़बान निं करदै।
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भज़न 24:8
महान प्रतप्पी राज़अ कुंण आसा? सह आसा परम प्रधान परमेशर बिधाता ज़हा का सारअ बल आसा अर ज़ुंण जुधा लै सोभी का बडअ जोधअ आसा।
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