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भज़न 148:13
बाघली सराज़ी बोली दी पबित्र शास्त्र
OSJ
सोभी लोल़ी बिधाते ज़ै-ज़ैकार किई। तेऊओ नाअं आसा सोभी का बडअ अर महान! तेऊओ प्रतप्प आसा सारी पृथूई अर स्वर्गै।
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भज़न 148:5
भ्रमंडे सोभै गल्ला करा बिधाते ज़ै-ज़ैकार, किल्हैकि तिंयां आसा तेऊए हुकमा करै बणी दी।
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भज़न 148:1
बिधाते ज़ै-ज़ैकार। स्वर्गै करा बिधाते ज़ै-ज़ैकार, सोभै करा बिधाते ज़ै-ज़ैकार ज़ुंण उझै उछ़टै दी रहा।
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