मेरै शोहरूआ,
बिधाता लोल़ी ताल्है बर्गत दैनी,
सरगा का लोल़ी ओश पल़ी,
ज़िम्मीं लोल़ी तेरी रज़दी-पज़दी हुई
नाज़ अर दाखा करै भर्हुई दी,
देशा-देशे लोगा प्रैंदै
लोल़ी तेरअ राज़ हुअ
अर तिन्नैं सोभी लोल़ी
ताह सेटा माथअ टेक्कअ,
आपणैं होरी भाईओ बी लोल़ी
तूह मालक हुअ अर
तिन्नां बी टेक्कणअ ताह सेटा माथअ।
ज़ुंण ताल्है फिटक दैए,
तिन्नां लै बी भेटणअ फिटक,
ज़ुंण ताल्है बर्गत दैए,
तिन्नां लै बी भेटणीं बर्गत।”