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रोमी 6:23
jivən səndesh
mai
किएक तँ पापक मजदूरी अछि मृत्यु, मुदा परमेश्वरक वरदान अछि अनन्त जीवन जे अपना सभक प्रभु, मसीह यीशुक माध्यम सँ प्राप्त होइत अछि।
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रोमी 6:14
तखन पाप अहाँ सभ पर राज्य नहि कऽ पाओत, किएक तँ अहाँ सभ धर्म-नियमक अधीन नहि, बल्कि परमेश्वरक कृपाक अधीन छी।
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रोमी 6:4
तेँ अपना सभ बपतिस्मा द्वारा हुनका मृत्यु मे सहभागी भऽ हुनका संग गाड़ल सेहो गेल छी जाहि सँ जहिना यीशु मसीह पिता परमेश्वरक महिमा द्वारा मुइल सभ मे सँ जिआओल गेलाह तहिना अपनो सभ एक नव जीवन जीबी।
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रोमी 6:13
अहाँ सभ अपना शरीरक अंग सभ केँ दुष्टताक साधनक रूप मे पाप करबाक लेल समर्पित नहि करू। बल्कि मृत्यु सँ जीवन मे लाओल लोक सभ जकाँ अपना केँ परमेश्वर केँ समर्पित कऽ दिअ आ शरीरक अंग सभ केँ नीक काज करबाक साधनक रूप मे परमेश्वर केँ अर्पित करू।
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रोमी 6:6
अपना सभ केँ ई कखनो नहि बिसरबाक चाही जे अपना सभक पहिलुका स्वभाव हुनके संग क्रूस पर चढ़ा देल गेल, जाहि सँ अपना सभ मेहक पापपूर्ण “हम” मरि जाय आ अपना सभ फेर पापक दास नहि बनी
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रोमी 6:11
एही तरहेँ अहाँ सभ सेहो अपना केँ पापक लेखेँ मुइल आ मसीह यीशु मे परमेश्वरक लेल जीवित बुझू।
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रोमी 6:1-2
तखन की, अपना सभ आओर पाप करैत रही जाहि सँ परमेश्वर आओर कृपा करथि? किन्नहुँ नहि! अपना सभ जे पापक लेखेँ मरि गेल छी, आब पाप मे जीवन कोना व्यतीत करब?
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रोमी 6:16
की अहाँ सभ नहि जनैत छी जे जकर आज्ञा मानबाक लेल अहाँ सभ अपना केँ दासक रूप मे समर्पित करैत छी, अहाँ सभ तकरे दास छी?—ओ चाहे पापक होइ, जकर परिणाम मृत्यु अछि, चाहे आज्ञाकारिताक, जकर परिणाम धार्मिकता अछि।
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रोमी 6:17-18
परमेश्वर केँ धन्यवाद जे अहाँ सभ, जे सभ एक समय मे पापक दास छलहुँ, आब पूरा मोन सँ ओहि शिक्षाक आज्ञाकारी भऽ गेल छी जाहि मे अहाँ सभ सौंपल गेलहुँ। अहाँ सभ पाप सँ मुक्त कयल गेलहुँ और आब धार्मिकताक दास भऽ गेल छी।
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