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रोमी 7:25
jivən səndesh
mai
परमेश्वरक धन्यवाद होनि! वैह अपना सभक प्रभु यीशु मसीहक द्वारा हमरा छुटकारा दिऔताह। अतः एक दिस तँ हम अपना बुद्धि सँ परमेश्वरक नियमक दास छी, मुदा दोसर दिस अपना मानवीय पाप-स्वभाव सँ पाप-नियमक दास छी।
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रोमी 7:18
किएक तँ हम जनैत छी जे हमरा मे कोनो नीक वस्तुक वास नहि अछि, अर्थात् हमर मानवीय स्वभाव मे। नीक काज करबाक इच्छा तँ हमरा होइत अछि, मुदा हम ओकरा कऽ नहि पबैत छी।
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रोमी 7:19
कारण, जाहि नीक काज केँ हम करऽ चाहैत छी तकरा नहि करैत छी, आ जाहि अधलाह काज केँ करऽ नहि चाहैत छी तकरे करैत रहैत छी।
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रोमी 7:20
जँ हम जे नहि करऽ चाहैत छी सैह करैत छी, तँ ओ करऽ वला हम नहि, बल्कि पाप अछि, जे हमरा मे वास करैत अछि।
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रोमी 7:21-22
एहि तरहेँ हम अपना मे ई नियम पबैत छी जे, जखन हम नीक काज करबाक इच्छा करैत छी तँ अधलाहे काज हमरा सँ होइत अछि। हम अपना अन्तरात्मा मे परमेश्वरक धर्म-नियम केँ तँ सहर्ष स्वीकार करैत छी
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रोमी 7:16
आब हम जे करैत छी, जँ से करबाक इच्छा हमरा नहि अछि, तँ एहि सँ स्पष्ट होइत अछि जे हम वास्तव मे मानैत छी जे धर्म-नियम उचित अछि।
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