आबऽ वला समय मे अहाँ जे कष्ट सहऽ वला छी, ताहि सँ नहि डेराउ। देखू, शैतान अहाँ सभ केँ जँचबाक लेल अहाँ सभ मे सँ कतेको गोटे केँ जहल मे राखि देत। एहि तरहेँ अहाँ सभ केँ दस दिन तक कष्ट भोगऽ पड़त। प्राणो देबऽ पड़य, ताहि समय तक विश्वास मे स्थिर रहू, तखन हम अहाँ सभ केँ जीवनक मुकुट प्रदान करब।