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प्रकाशित-वाक्य 1:8
jivən səndesh
mai
प्रभु-परमेश्वर कहैत छथि जे, “शुरुआत और अन्त हमहीं छी। हम वैह छी, जे छथि, जे छलाह, जे आबहो वला समय मे रहताह—वैह, जे सर्वशक्तिमान छथि।”
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प्रकाशित-वाक्य 1:18
हम वैह छी जे जीवित छथि। हम मरि गेल छलहुँ, मुदा देखह, हम आब युगानुयुग जीवित छी! मृत्यु आ पातालक कुंजी हमरा लग अछि।
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प्रकाशित-वाक्य 1:3
धन्य अछि ओ जे एहि भविष्यवाणी केँ पढ़ैत अछि, आ धन्य अछि ओ सभ जे एकरा सुनैत अछि और एहि मे लिखल बात सभक पालन करैत अछि, किएक तँ ओ समय लगचिआ गेल अछि जहिया ई घटना सभ होयत।
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प्रकाशित-वाक्य 1:17
हुनका देखिते हम मरल जकाँ हुनका चरण पर खसि पड़लहुँ। तखन ओ अपन दहिना हाथ हमरा पर रखलनि आ कहलनि जे, “नहि डेराह, हम पहिल आ अन्तिम छी।
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प्रकाशित-वाक्य 1:7
देखू, ओ मेघ सभक संग आबऽ वला छथि। हुनका सभ लोक अपना आँखि सँ देखतनि, ओहो सभ देखतनि जे सभ हुनका भाला सँ भोंकने छलनि। पृथ्वी परक समस्त जातिक लोक हुनका कारण कन्ना-रोहटि करत। ई सभ बात निश्चित होयत। आमीन।
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