मुदा स्त्री केँ विशालकाय गरुड़क दूटा पाँखि देल गेलनि, जाहि सँ ओ अजगरक सम्मुख सँ उड़ि कऽ ओहि मरुभूमि मे चलि जाथि, जतऽ साढ़े तीन वर्ष तक हुनकर देखभाल कयल जानि। अजगर स्त्रीक पाछाँ अपना मुँह सँ नदी जकाँ पानि निकाललक, जाहि सँ कि स्त्री केँ बाढ़ि बहा कऽ लऽ जानि। मुदा पृथ्वी स्त्रीक सहायता कयलकनि आ अपन मुँह खोलि कऽ ओहि पानि केँ, जे अजगर अपना मुँह सँ बहौने छल, पिबि लेलक।