पहिल जानबरक सेवा मे जे चमत्कार सभ देखयबाक शक्ति ओकरा भेटल छलैक, ताहि द्वारा ओ पृथ्वीक निवासी सभ केँ बहकबैत छल। ओ ओकरा सभ सँ ओहि पहिल जानबर, जकरा पर तरुआरिक प्रहार भेल छल आ तैयो जीवित छल, तकरा सम्मान मे ओकर मूर्ति बनबौलक।
ओकरा जानबरक प्रतिमा मे प्राण राखि देबाक अधिकार भेटलैक जाहि सँ ओ प्रतिमा बाजऽ लागय आ जे सभ प्रतिमाक पूजा नहि करत तकरा मरबा दय।