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1 कोरिन्थी 4:20
jivən səndesh
mai
किएक तँ परमेश्वरक राज्य गप्पक बात नहि, बल्कि सामर्थ्यक बात अछि।
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1 कोरिन्थी 4:5
एहि लेल समय सँ पहिने कोनो बातक न्याय नहि करू, अर्थात् जाबत धरि प्रभु नहि औताह ताबत धरि रूकल रहू। ओ अन्हार मे नुकायल सभ बात केँ इजोत मे लौताह आ लोकक भितरी मोनक अभिप्राय सभ केँ प्रगट करताह। तहिया प्रत्येक मनुष्य परमेश्वरे सँ अपन प्रशंसा पाओत।
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1 कोरिन्थी 4:2
जकरा सभक जिम्मा मे किछु सौंपल गेल अछि तकरा सभक लेल ई जरूरी छैक जे ओ सभ विश्वासयोग्य निकलय।
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1 कोरिन्थी 4:1
एहि लेल लोक हमरा सभ केँ मसीहक सेवक बुझओ जकरा सभक जिम्मा मे पहिने गुप्त राखल परमेश्वरक रहस्यक बात सभ सौंपल गेल अछि।
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