1 कोरिन्थी 4:5
1 कोरिन्थी 4:5 MAI
एहि लेल समय सँ पहिने कोनो बातक न्याय नहि करू, अर्थात् जाबत धरि प्रभु नहि औताह ताबत धरि रूकल रहू। ओ अन्हार मे नुकायल सभ बात केँ इजोत मे लौताह आ लोकक भितरी मोनक अभिप्राय सभ केँ प्रगट करताह। तहिया प्रत्येक मनुष्य परमेश्वरे सँ अपन प्रशंसा पाओत।





