ओ मेरे परमेशर, मेरी प्रार्थना सुण, आखी खोली की म्हारी ऊजड़ी री दशा ओर तेस यरूशलेम शईरो खे बी देख जो उजड़ी चूकी रा ए, कऊँकि आसे जो तां सामणे गिड़गिड़ाई की प्रार्थना करूँए, तो आपणे तर्मो रे कामो पाँदे नि, बल्कि तेरी बड़ी दया रे कामो पाँदे परोसा राखी की करूँए। ओ परमेशर, म्हारी प्रार्थना सुणी लो, ओ परमेशर, पाप माफ कर, ओ परमेशर, त्यान देई की जो करना से कर, देरी नि कर; ओ मेरे परमेशर, तेरा शईर ओर तेरी प्रजा खे तेरा ई बोलोए, इजी री खातर आपणे नाओं रे मुताबिक एड़ा ई कर।”