मुकाशफ़ा 12:14-16
मुकाशफ़ा 12:14-16 DGV
लेकिन ख़ातून को बड़े उक़ाब के-से दो पर दिए गए ताकि वह उड़कर रेगिस्तान में उस जगह पहुँचे जो उसके लिए तैयार की गई थी और जहाँ वह साढ़े तीन साल तक अज़दहे की पहुँच से महफ़ूज़ रहकर परवरिश पाएगी। इस पर अज़दहे ने अपने मुँह से पानी निकालकर दरिया की सूरत में ख़ातून के पीछे पीछे बहा दिया ताकि उसे बहा ले जाए। लेकिन ज़मीन ने ख़ातून की मदद करके अपना मुँह खोल दिया और उस दरिया को निगल लिया जो अज़दहे ने अपने मुँह से निकाल दिया था।





