मती 14:30-31
मती 14:30-31 BIY
मुदा आंधी ता नेल केते बोरो वनाय, अरो जोब डुबाः लगावेना दो कुर्री केते गामवादेयाय, “परभु, इञ के बनचाव एञमी!” ईसु ता एनेन गी ती रे साप टेकाव एदेयाय आर पतरस के गामवादेयाय, “ए अधबिसवासी, आम चिलिमेन संदेह एताम?”
मुदा आंधी ता नेल केते बोरो वनाय, अरो जोब डुबाः लगावेना दो कुर्री केते गामवादेयाय, “परभु, इञ के बनचाव एञमी!” ईसु ता एनेन गी ती रे साप टेकाव एदेयाय आर पतरस के गामवादेयाय, “ए अधबिसवासी, आम चिलिमेन संदेह एताम?”