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रोमियो 11

11
ईसराइल के ऊपर परमेसर की दया
1 # फिलि 3:5 इसताँई मैं पूँछौ हौं, “का परमेसर नै अपनेई लोगौ कै छोड़ दओ है?” बिलकुल ना, कैसेकै मैं बी एक ईसराइली हौं, मैं इब्राहिम की औलाद और बिन्यामीन के गोत को हौं। 2परमेसर नै अपने लोगौ कै ना छोड़ो, जिनकै बानै पैलेई सै चुनो हो। और का तुम ना जानौ हौ, कै पबित्‍तर सास्तर एलिया के बारे मै का कैबै है, कै एलिया ईसराइल के खिलाप परमेसर सै पिराथना कर रओ हो। 3“हे परभु, उनौनै तेरे नबिऔ कै मार डारो, और तेरे बेदिऔ#11:3 बेदी यानी बलि चढ़ानै की जघै। कै तोड़कै गिरा दओ, सिरप एक मैंई बचो हौं और बे मैंकै बी मारनै की कोसिस कर रए हैं।” 4मगर परमेसर नै उसकै कैसे जबाब दओ हो? “मैंनै अपने ताँई सात हजार लोगौ कै बचाकै रखर खाओ है। जिनौनै बाल देबता के सामने घूंटे ना टेके हैं।”
5और बैसेई आज कल बी कुछ यहूदी लोग बचे भए हैं जो उसके किरपा के कारन चुने भए हैं। 6और अगर जौ परमेसर के किरपा सै भओ है, तौ जौ हमकै काम सै ना मिलो है अगर काम सै मिलतो तौ किरपा, किरपा ना रैहती।
7तौ इस्सै का? ईसराइल के लोग जिसकै ढूंड़ रए हैं, बौ उनकै ना मिलो। मगर चुने भए लोगौ कै बौ मिल गओ, और बाकी के लोगौ को दिल कठोर बन गओ। 8और जैसो पबित्‍तर सास्तर मै लिखो है कै,
“परमेसर नै उनकी बुद्‍धि भरस्ट कर दई,
और उसनै उनकै ऐंसी आँख दे दई, जो देख ना सकै हैं,
और ऐंसे कान, जो सुनै ना हैं
और उनकी ऐंसी हालत आज तक बनी भई है।”
9दाऊद कैबै है,
“उनकी रोटी उनके ताँई फाँसी, जार, ठोकर,
और सजा को कारन बनै।
10उनकी आँखौ मै धुंदरोपन छा जाऐ जिस्सै बे देख ना सकैं।
तू उनकी पीठ हमेसा झुकाए रख।”
11पर मैं कैबौ हौं, का उनौनै इसताँई ठोकर खाई, कै बे गिरकै खतम हो जाँय? बिलकुल ना, पर उनके गलती कन्‍नै के कारन गैर यहूदी लोगौ कै मुक्‍ति मिली है, कै यहूदिऔं कै जरन पैदा हो। 12और अगर उनके गलत कदम सै, सिगरी दुनिया सेट हो गई, और उसके कामियाब ना होनै सै गैर यहूदी लोग सेट हो गए, तौ सिगरे यहूदी लोगौ के बापस आनै सै कितनो जादा फाएदा होगो।
गैर यहूदी लोगौ की मुक्‍ति
13मैं तुम गैर यहूदिऔं के ताँई भेजो भओ चेला हौं, और जौ सेवा मेरे ताँई गर्ब की बात है। 14ताकि किसी तरै सै मैं अपने लोगौ मै जरन पैदा करबाकै उनमै सै कईऔ कै मुक्‍ति दौं। 15कैसेकै अगर उनकै छोड़नै की बजै सै दुनिया सै परमेसर के संग मेल-मिलाब पैदा होवै है, तौ फिर परमेसर के दुआरा यहूदी लोगौ कै अपनाऐ जानै सै मरे भएऔं मै सै जिन्‍दो कन्‍नै के बराबर ना होगो? 16अगर माड़े भए चून की पैली लोई परमेसर कै चढ़ानै सै पबित्‍तर है, तौ सिगरो माड़ो भओ चून बी पबित्‍तर है, और अगर जड़ पबित्‍तर है, तौ डुग्गी बी पबित्‍तर हैं। 17पर अगर कुछ डुग्गी तोड़कै अगल कर दई गंई और तुम जो जंगली जैतून हौ, और तुम उनकी जघै मै कलम लगाए गए हौ और तुम उस जैतून की जड़ सै तागत लेते रैहए। 18और अगर तुम डुग्गी मै घमंड करौ हौ तौ याद रक्‍खौ कै तुम जड़ कै ना पालौ हौ, बलकन जड़ तुमकै पालै है। 19पर अब तुम कैऔगे, “हाँ, इसताँई बे डुग्गी तोड़ी गंई, कै मैंकै कलम करकै लगाओ जाऐ।” 20जौ सच है, कै बे अपने अबिसवास के कारन काटकै अगल कर दए गए, मगर तुम अपने बिसवास के कारन अपनी जघै मै बने भए हौ। तुम घमंड ना करौ, पर चौकस रैहओ। 21कैसेकै अगर परमेसर नै जब उन डुग्गिऔ कै ना रैहन दओ जो उसमै पैलेई सै हीं तौ बौ तुमकै कैसे रैहन देगो?
22इसताँई परमेसर की दया और बाकी सकताई मै धियान दे। जौ सकताई उसके ताँई है जो गिरे हैं, पर तुम बाकी दया मै बने रैहऔ, तौ तुमरे ऊपर दया होगी। ना तौ तुम बी पेड़ सै काट फैंके जाऔगे। 23और अगर बे अबिसवास मै बने ना रैहए तौ उनकै बी फिर सै पेड़ मै जोड़ दओ जागो कैसेकै परमेसर के धौंरे उनकै फिर सै जोड़नै की सकति है। 24तुम तौ जंगली जैतून पेड़ की डुग्गी हौ, इसके बाद बी तुमकै काटकै नियम के खिलाप अच्‍छे जैतून के पेड़ सै जोड़ दओ, तौ जो अच्‍छे पेड़ की कटी भई डुग्गी हैं, उनकै फिर सै काए ना जोड़ैगो?
सिगरे ईसराइल कै मुक्‍ति
25हे भईयौ, कहीं ऐंसो ना हो जाऐ, कै तुम अपने आपकै होसिआर समजल लगौ, इसताँई मैं ना चाँहौ हौं कै तुम इस राज सै अनजान रैहऔ, कै जब तक गैर यहूदी लोग पूरी तरै सै परमेसर के टब्बर के हिस्सा ना बन जावै हैं तब तक ईसराइली लोग ऐंसेई कठोर रैहंगे। 26और ऐंसो हो जानै के बाद सिगरे ईसराइल की मुक्‍ति होगी। जैसो पबित्‍तर सास्तर मै लिखो है,
“मुक्‍ति दैनै बारो सिओन सै आगो,
बौ याकूब के टब्बर सै सबई अधरमौ कै दूर करैगो।
27और उनके संग मेरो जौ बादो होगो, जब मैं उनके पापौं कै दूर कर दंगो।”
28अच्‍छी खबर की ओर सै देखैं तौ, बे परमेसर के दुसमन हैं जौ तुमरे ताँई फाएदा की बात है, मगर परमेसर दुआरा चुने जानै की ओर सै देखैं तौ बे बापदादौं की बजै सै परमेसर के पियारे हैं। 29कैसेकै परमेसर जिसकै बुलाबै है, और जिसकै बौ बरदान देवै है, उसकी ओर सै अपनो मन कबी ना बदलै है। 30और जिस तरै तुम पैले परमेसर की आगियाँ ना मानै हे, पर अब ईसराइलिऔ के आगियाँ ना माननै सै तुमरे ऊपर दया भई है। 31बैसेई अब ईसराइली लोग बी उसकी आगियाँ कै ना मानै हैं ताकि जैसे परमेसर की दया तुमरे ऊपर भई, बैसेई परमेसर की दया उनकै बी मिलै। 32कैसेकै परमेसर नै सब लोगौ कै आगियाँ ना माननै को गुलाम बना दओ है ताकि बौ सबके ऊपर दया करै।
परमेसर धन्‍न है
33परमेसर की दौलत, बुद्‍धि और गियान कितने गैहरे हैं, उसके नियाय कन्‍नै को तरीका समज सै परे है, और बाके रस्तौं कै कौन समज सकै है? 34पबित्‍तर सास्तर मै लिखो है,
“परभु के मन कै कौन जानै है?
और उसकै सला दैनै बारो कौन हो सकै है?”
35“किसी नै परमेसर कै कुछ देओ है?
कै बौ उसके बदले मै कुछ दे।”
36 # 1 कुर 8:6 कैसेकै सब कुछ बनानै बारो बौई है। उसई सै सब कुछ टिको है और बौ उसई के ताँई है। उसकी महिमा हमेसा होती रैह! ऐंसोई होए।

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