1 थिसलुनीकियौ परिचै
परिचै
जौ चिट्ठी पौलुस नै थिसलुनीकी सैहर के बिसवासी लोगौ के ताँई लिखी। पर जा चिट्ठी कै लिखनै मै सिलवानुस, तीमुथियुस नै बी सायता करी।
जा चिट्ठी कै लिखनै को खास मकसद जौ है कै पौलुस और तीमुथियुस कैबै हैं कै थिसलुनीकी के बिसवासिऔ की मंडली मुसीबत मै बी हौसला ना हारै है। पर कुछ लोग पौलुस के बारे मै गलत बोलै हैं इसताँई पौलुस जौ कैबै है कै जब बिसवासिऔ की मंडली मजबूत है तौ मैं बी खुस हौं। बानै जौ बात बी याद दिब्बाई कै जो अच्छी खबर मैंनै दई ही बौ मेरी ओर सै ना पर परमेसर की ओर सै ही। और जो बिसवासिऔ की मंडली मै परेसानी हीं उनौकै खतम कन्नै की बात बी पौलुस नै जा चिट्ठी मै करी हैं।
रूपरेखा
नमस्कार 1:1
धन्नबाद और बड़ाई 1:2—3:13
मसी जिन्दगी हमकै कैसे जीनी है 4:1–12
मसी के फिर सै आनै के बारे मै सिक्छा 4:13—5:11
आखरी उपदेस 5:12–22
आसीरबाद 5:23–28
Currently Selected:
1 थिसलुनीकियौ परिचै: TKB
Highlight
Copy
Compare
Share
Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in
New Life Compute Institute [NLCI] - CC BY-NC-ND 4.0