इफीसियन 4:22-24
इफीसियन 4:22-24 BAG
कि तूँ पंचे पिछले चाल-चलन के पुरान सुभाव काहीं छोंड़ि द्या, नहीं त उआ भरमामँइ बाली बुरी इच्छन माहीं फँसाइके जीबन काहीं भ्रस्ट कइ देत हय। अउर तूँ पंचे अपने मन के आत्मिक सुभाव माहीं नबा बनत जा। अउर तूँ पंचे उआ नबा सुभाव काहीं अपनाय ल्या, जउन परमातिमा कि नाईं सच्ची धारमिकता, अउर पबित्रता माहीं रचा ग हय।






