प्रकाशन 11
11
दूई शाजत
1मुल्है दैनी नापणा लै एक गज़ा ज़ेही नगाल़ै अर तेथ बोलअ कुंणी मुल्है इहअ, “उझ़ू, अर परमेशरे भबना, बेदी अर तिधी च़ाकरी करनै आल़ै नाप।#जक. 2:1
2“पर भबने बाघलै खोल़ै छ़ाडै, तेऊ निं नापी, किल्हैकि सह आसा तिन्नां लै दैनअ द ज़हा का परमेशरो थोघ निं आथी। तिन्नां करनअ मेरी पबित्र नगरी दी बयाल़ी भिन्नैं तैणीं राज़। 3मुंह छ़ाडणैं दूई मणछ तिन्नें झिकल़ै आसा खिंथल़ै ज़हा मेरै सत्तो समाद खोज़णअ। तिन्नां रहणअ एक हज़ार दूई शौ शाठी धैल़ी तैणीं मेरै समादा खोज़दै लागी।”
4ईंयां आसा दूई शाजत, ईंयां आसा तिंयां ई जैतूने बूट अर दूई सदीऐ ज़ुंण पृथूईए प्रभू सम्हनै खल़ै रहा।#जक. 4:3
5ज़ै कुंण इना बूटा लै हान्नी करने कोशिश करे, तिन्नें खाखा का निखल़ा आग अर दुशमण हआ खतम अर इहअ ई करै पाआ तिंयां तिन्नां मारी ज़ुंण तिन्नां लै हान्नी करने कोशिश करा।#जेर. 5:14
6परमेशरै आसा तिन्नां लै अह हक दैनअ द कि तिंयां सरग बरशणैं का तेभै बंद करे ज़ेभै तेऊओ समाद खोज़ा। तिन्नां आसा इहअ हक बी भेटअ द कि तिंयां पाणीं लोहू ज़िहअ लाल करे अर पृथूई दी कई रंगे घोर खरी आणे। तिंयां सका एता कज़ेभल़ी करी ज़ेभै तिन्नों दिल करे।
7ज़ांऊं तिंयां दूई शाजत परमेशरो समाद खोज़ी मुक्कणैं, तेखअ निखल़णअ नथहऐ कूंडा का सह डरैऊंणअ पशू अर तेऊ ज़ितणअ तिन्नां दूई मणछा का जुध अर तिंयां पाणै मारी।#प्रका. 13:7
8तिन्नें ल्हासा रहणीं तैहा बडी नगरीए च़फै पल़ी दी ज़िधी प्रभू क्रूसा दी टोक्कअ त। तैहा नगरी लै बोला आत्मिक रिती दी “सदोम नगरी” अर “मिसर देश” किल्हैकि इधे लोग आसा सदोम नगरी अर मिसर देशा ज़िहै खास्सै बूरै। 9सोभी लोगा, हर देश, हर खिंब, हर ज़ाती, हर भाषा का हणैं लोग तिन्नें ल्हासा चिई धैल़ै तैणीं भाल़ै लागै दै अर तिन्नें ल्हासा निं दैणअ तिन्नां घोरी दी दाबणै बी। 10पृथूई दी रहणैं आल़ै हणैं तिन्नें मरनै करै खास्सै खुशी अर मगन, तिन्नां डेऊणअ एकी-दुजै सेटा मिलदै, किल्हैकि इनै दूई गूरै किऐ तै सारै पृथूई दी रहणैं आल़ै तंग।
11साढै चिई धैल़ी बाद पेठअ तिन्नां दी परमेशरा का ज़िन्दगीओ शाह अर तिंयां उझ़ुऐ खल़ै। ज़ांऊं लोगै भाल़अ कि तिंयां हुऐ ऐबै भिई ज़िऊंदै, तिन्नां पल़अ हैल़अ। 12तेखअ बोलअ तिन्नां दूई मणछा लै स्वर्गा का ज़ोरै एक बैण, “उझै एछा इधा लै!” इहअ शूणीं उखल़ै तिंयां बादल़ा दी शुंआर हई आपणैं दुशमणे हेरदी-हेरदी स्वर्गा लै। 13तैहा ई घल़ी हुई एक बडी ज़ाज़री अर नगरीओ दसुअ निसब ढूल़अ अर ऐहा ज़ाज़री करै मूंऐं सात हज़ार मणछ अर ज़ुंण पिछ़ू बच़ै तिंयां डरै अर तिन्नैं सोभी किई स्वर्गै रहणैं आल़ै परमेशरे ज़ै-ज़ैकार।#प्रका. 14:7
14दुजी आफ़त ता बिति, भाल़ा, ऐबै च़ाल्ली एता बाद चिऊथी आफ़त पल़ी!
सातुई नाद
15ज़ांऊं सातुऐ स्वर्ग दूतै नाद बाज़ी, मंऐं शूणैं स्वर्गै आसा लागै दै एते बारै ज़ोरै-ज़ोरै इहअ बोल्दै,#दान. 7:27; जक. 14:9
“संसारो राज़ गअ म्हारै प्रभूओ अर तेऊए मसीहो हई
अर तेऊ करनअ जुगै-जुगै राज़।”
16तेखअ तिंयां च़ौबी विश्वासी टोलीए सैणैं ज़ुंण परमेशरा सम्हनै आपणीं-आपणीं राज़गाद्दी दी थिऐ बेठै दै, तिन्नैं बोलअ परमेशरा सेटा उटै पल़ी माथअ टेक्की,
17“हे सर्वशक्तिमान परमेशर बिधाता,
“ज़ुंण आझ़ आसा, आझ़ा का आजी त अर आजू बी रहणअ,
“हाम्हैं करा तेरअ शूकर कि तंऐं किअ बडी शगती रहैऊई करै राज़।#प्रका. 1:8
18“होरी ज़ाती किऐ रोश्श, तिन्नां लै पल़अ तेरअ प्रकोप।
“तेरअ सह बगत गअ एछी कि मूंऐं दै मणछो नसाफ करे।
“तेरै दास, परमेशरे गूर अर पबित्र लोगा अर होछ़ै का बडै तैणीं ज़ुंण तेरै नाओंआं का डरा, तूह तिन्नों बदल़अ लऐ अर पृथूईए बगाल़णैं आल़ै बरैबाद करे।”#प्रका. 19:5
19परमेशरो भबन ज़ुंण स्वर्गै आसा, सह पबित्र ज़ैगा खोल्ही अर तेऊए भबनै शुझुअ तेऊए करारे मणशू, बिज़ल़ी, बैण, गुल़ूबिज़ल़ू अर ज़ाज़री हुई संघा पल़ै बडै-बडै शरू।#प्रका. 15:5
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प्रकाशन 11: OSJ
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