भज़न 97
97
बिधाता ई करा नसाफ
1राज़अ आसा बिधाता ई! पृथूई हुई खुश अर
समुंदरे होछ़ै-होछ़ै टापू बी हुई नंद।#प्रका. 19:7
2तेऊ फेर आसा घणैं बादल़,
तेऊए राज़गाद्दीए आथरी आसा धर्म अर नसाफ।
3तेऊ आजू निखल़ा आग अर
सह दहा तेता करै आपणैं दुशमणा।
4तेऊओ धुप्पै करै हआ सारै संसारै प्रैश्शअ,
तेऊ भाल़ी छ़ुटा पृथूई काम्मणीं।
5बडी-बडी धारा गल़ा बिधाता नेल़ घिऊ ज़ेही,
ज़ुंण संसारे सोभी लोगा प्रैंदै राज़ करा।
6भ्रमंड बोला तेऊए बारै इहअ, “नसाफ करा बिधाता ई!”
बिधातो प्रतप्प भाल़णअ सोभी।
7ज़हा बृथा मुहुर्तीए पूज़ा करनैओ घमंड आसा, तिंयां हणैं शर्मिंदै,
सोभी देअआ टेक्कणअ बिधाता सेटा माथअ।
8इज़राईली हणैं इहअ शूणीं खुश,
यहूदा नगरी करनी नंद किल्हैकि
हे बिधाता, तंऐं किअ शुचअ नसाफ।
9ए परम प्रधान परमेशर बिधाता, तेरअ राज़ आसा सारी धरती प्रैंदै,
तूह आसा होरी देअआ का खास्सअ महान।
10बिधाता झ़ूरा तिन्नां लै ज़ुंण बूराई का नफरत करा।
सह करा आपणीं परज़े ज़िन्दगीए फाज़त,
सह डाहा तिन्नां कदुष्टा का बच़ाऊई।
11धर्मीं मणछे ज़िन्दगी हआ प्रैश्शअ,
भलै मणछा भेटा खुशी।
12तिंयां आसा बिधाते परज़ा!
खुशी मनाऊंआं अर
तेऊ परमेशरे करा ज़ै-ज़ैकार ज़ुंण पबित्र आसा।
Currently Selected:
भज़न 97: OSJ
Highlight
Copy
Compare
Share
Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in
This work is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.