भज़न 143:8
भज़न 143:8 OSJ
धैल़ लोल़ी मुंह दोत्ती तेरी अटल़ झ़ूरी आद फिरी, किल्हैकि हुंह रहा तेरै आसरै। हुंह सभाल़ा आपणीं सोभै गल्ला ताखा, तूह खोज़ मुखा आप्पै कि हुंह कैहा बाता हांढूं।
धैल़ लोल़ी मुंह दोत्ती तेरी अटल़ झ़ूरी आद फिरी, किल्हैकि हुंह रहा तेरै आसरै। हुंह सभाल़ा आपणीं सोभै गल्ला ताखा, तूह खोज़ मुखा आप्पै कि हुंह कैहा बाता हांढूं।