YouVersion Logo
Search Icon

लामण 4

4
बनाश हणैं बाद एरुशलेम
1सुन्‍नअ फिरअ पठ शेफल़अ! च़ोखअ सुन्‍नअ निखल़अ खोटअ!#4:1 सुन्‍नअ लुक्‍कअ पठी
पबित्र ज़ैगे किम्मती पात्थर डाहा सोभी बाते डोरै शोटी।
2सियोन नगरीए मर्ध तै च़ोखै सुन्‍नैं ज़िहै किम्मती,
पर ऐबै पाऐ तिंयां खमारै बणाऐं दै माट्टे आम भांडै ज़िहै फाल़ी।
3शैल़ी बी धाचा आपणैं बच़ै आपणीं च़ूई पणैऊंईं करै,
पर एरुशलेम नगरीए बेटल़ी हुई आपणैं शोहरू लै शुतरमुर्गी ज़ेही नर्दैई
ज़ुंण आपणैं आंडै शोटी डाहा।
4तिन्‍नैं डाहै आपणैं दुधा झुटदै बच़ै भुखै-नचिशै शोटी,
लान्हैं आसा रोटी मांगदै लागै दै, पर तिन्‍नां लै निं कोह किछ़ दैंदअ।
5ज़ुंण पैहलै बधिया-बधिया भोज़ खाआ तै,
तिंयां आसा बाता मरदै पल़ै दै,
ज़ुंण मुखमले झिकल़ै जैंदरी रहा तै, तिंयां आसा
शणैंऊंए रूल़ा जैंदरा का टुकरै लोल़ै लागै दै!
6परमेशरै दैनी एरुशलेम बस्सै दै मेरै लोगा लै सज़ा।
तेऊ दैनी हाम्हां लै सदोम नगरी का बी खास्सी घोर सज़ा।
सह नगरी किई ती बिधाता एकी घल़ी भितरी बरैबाद अर
तिधी निं तिन्‍नां बच़ाऊंणै आल़अ बी कोह थिअ।#मूल. 19:24-25
7एकी ज़मानै तै म्हारै सैणैं शुचै-पाक्‍कै,
तिंयां थिऐ शेतै हिंऊंआं ज़िहै निम्बल़ै अर दुधा ज़िहै शेतै।
तिंयां थिऐ ताज़ै-नरोगै अर तिन्‍नें देही का लागा त नीलमणीं ज़िहअ च़लकार।
8पर ऐबै आसा तिन्‍नें मुंह ज़ाल्‍लै ज़िहै काल़ै फिरै दै,
तिन्‍नां निं बाता कोह बछ़ैणदअ आथी!
तिन्‍नें खाल शाची हाडकै दी ल़पट्ट अर तिंयां हुऐ काठा ज़िहै शुक्‍कै।
9म्हारै लोग ईंयां ज़ुंण बादा का भुखै-नचिशै मूंऐं, तेता का भलअ हुअ
म्हारै तिन्‍नां मणछा लै ज़ुंण दुशमणै जुधा दी तलबारा करै मारै।
10झींण करनै आल़ी माआ,
सेटेऊअ आपणैं बच्च़ैओ मास्स आप्पै!
ज़ांऊं दुशमण नगरीओ बनाश करदै लागै,
तिन्‍नैं खाई आपणैं लान्हैं-सुन्हें शिखा!#बधा. 28:57; एज. 5:10
11बिधाता काढअ तिन्‍नां प्रैंदै आपणअ सारअ रोश्श,
तेऊ बरशाऊई एरुशलेम नगरी लै आग अर
तेता करै हुअ सारी नगरीओ थाल्‍लै तैणीं बनाश।
12ऐहा गल्‍ला दी निं होरी देशे राज़ै बी विश्वास करी सकै,
नां संसारे होरी लोगा विश्वास हुअ कि
द्रोही अर दुशमण सका एरुशलेम नगरीए प्रऊल़ी भितरी डेऊई।
13पर असली दी हुअ इहअ ई!
किल्हैकि एरुशलेम नगरीए गूरै अर प्रोहतै किअ पाप।
तिंयां रहै ऐहा नगरी दी धर्मीं मणछे हत्या करदै लागी।
14नगरीए सैणैं आसा ऐबै कांणै मणछा ज़िहै
ज़ैगै-ज़ैगै हांढदै अर रल़ाखदै लागै दै।
तिन्‍नें झिकल़ै आसा लोधल़ै करै छ़िटुऐ दै कि
तिन्‍नां निं कोहै छ़ुंहंदअ बी आथी।
15लोग बोला तिन्‍नां लै, “दूर रहा! दूर रहा!
तम्हैं आसा छ़ोतलै! हाम्हां निं छ़ुंहीं आथी!”
तिंयां रहै देशै-देशै ठुल़्दै लागी, पराई ज़ातीए लोगै बी बोलअ,
“ईंयां निं हाम्हां संघै लोल़ी रहै।”
16बिधाता डाहै रोश्शै लोग आप्पै देशै-देशै छिंगी,
सह निं ऐबै तिन्‍नों धैन-खैल करदअ,
नां कुंण प्रोहतो अदर करदअ नां कुंण सैणैं लै झींण करदअ।
17हाम्हां लै निं किधी का किछ़ै मज़त आई!
न्हैल़ी भाल़ी-भाल़ी फिरी म्हारी आछी बी पाल्‍ली।
हाम्हैं रहै इहै देशा का मज़त न्हैल़ै लागी
ज़ुंण हाम्हां बच़ाऊई निं सकअ!
18दुशमण तै म्हारै पिछ़ै इहै पल़ै दै कि
हाम्हैं निं नगरीए बाता अर च़फै प्रगल़ै हांढी बी सकदै तै।
म्हारी अमर गई ती हई अर म्हारी मौत गई ती एछी।
19ज़ुंण दुशमण म्हारै पिछ़ै तै पल़ै दै, तिंयां एछा तै सरगै डैऊंदै मुक्षरलै का बी छ़ेक्‍कै,
तिन्‍नैं निं उझै धारा बी म्हारअ पिछ़अ छ़ाडअ, अर
रेगीस्तानै बी थिऐ तिंयां हाम्हां मारदै रहै दै ताखुई।
20बिधाता त हाम्हां लै राज़अ छ़ांटअ द,
हाम्हैं सोठा तै इहअ कि एऊ हेरनै हाम्हैं बच़ाऊई।
हाम्हैं बोला तै इहअ, “आपणैं राज़े सेटा शरण लई रहणैं हाम्हैं
होरी देशा जैंदरी राज्ज़ी-राम्बल़ै ज़िऊंदै।”
पर दुशमणै ढाकअ सह बी!
21एदोम अर ऊज़ नगरीए लोगो! एभै आसा तम्हैं खुश हुऐ दै!
अह बनाशे शराब पल़णीं तम्हां बी झुटणीं
अर दुशमणा करनै तम्हैं बी पठ नांगै।
22एरुशलेम नगरीए परज़ा लै मुक्‍कअ बिधाता पठी सज़ा दैई।
तेऊ हेरनै तिंयां छ़ेक्‍कै गलामी का आपणैं घअरा लै बापस फरेऊई।
पर तम्हां एदोमी लै लणी तेऊ सज़ा दैई,
तेऊ खोज़णैं तिंयां सोभै पाप ज़ुंण तम्हैं किऐ।

Currently Selected:

लामण 4: OSJ

Highlight

Copy

Compare

Share

None

Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in

Video for लामण 4