ज़ैहसू 3
3
इज़राईली डेऊऐ जरदण नदी टपी पारा बाखा लै
1दुजै धैल़ै दोत्ती गऐ ज़ैहसू अर सारै इज़राईली दोत्थी उझ़ुई, तिन्नैं खोल्है शितीम आपणैं खिम्भ संघा आऐ जरदण नदीए बाढै अर पार टपणै का आजी पाऐ तिन्नैं तिधी डेरै। 2चिई धैल़ै बाद डेऊऐ इज़राईली टोलीए सैणैं खिम्भे डेरै जैंदरी 3संघा किअ इहअ हुकम, “ज़ांऊं तम्हां का लेबी प्रोहतो दल परमेशर बिधाते करारे मणशू च़की हांढदअ शुझिए, आपणैं खिम्भ झाल़ी लागै पिछ़ू हांढदै। 4तम्हां का निं बातो थोघ आथी, तिन्नां भाल़ी लागणअ तम्हां का थोघ कि कैहा बाता डेऊणअ। पर तिन्नां का रहै कोई दूई हज़ार हाथ#3:4 दूई हज़ार हाथ कोई एक किलूमीटर पिछ़ू-पिछ़ू हांढदै लागी, करारे मणशू नेल़ निं डेऊई आथी।”#लुआ. 19:12
5तेखअ बोलअ ज़ैहसू सारी परज़ा लै, “तम्हैं करा आपणीं शुधी किल्हैकि काल्ला करनअ बिधाता तम्हां जैंदरी महान च़मत्कार।” 6तेखअ किअ दुजै धैल़ै दोत्ती ज़ैहसू प्रोहते दला लै हुकम, “करारे मणशू च़की हांढा सारी इज़राईली परज़ा का आजू-आजू।” ज़िहअ ज़ैहसू बोलअ, तिन्नैं किअ तिहअ ई।
7बिधाता बोलअ ज़ैहसू लै इहअ, “आझ़ करनअ मुंह इहअ कि आझ़ा बाद करनअ सोभी इज़राईली तेरअ महान मणछे रुपै अदर, ताकि तिन्नां का थोघ लागे कि ज़िहअ हुंह मोसा संघै थिअ, तिहअ आसा हुंह ताह संघै बी। 8करारे मणशू च़कणै आल़ै प्रोहता का डाह इहअ खोज़ी, ‘ज़ेभै तम्हैं जरदण नदी सेटा पुजे, तेभै रहै बाढै पाणीं दी होथी खल़्हुई।’”
9ज़ैहसू बोलअ इज़राईली लै इहअ, “मुंह नेल़ एछा, संघा शूणां कि थारअ परमेशर बिधाता तम्हां लै किज़ै बोला। 10एथ निं बैहम डाही ई कि बिधाता काढणैं कनानी, हित्ती, हिब्बी, परिजी, गिर्गाशी, अमोरी अर जबेशी देशे तम्हां नदरी तिन्नें देशा का बागै, ताकि तम्हां का थोघ लागे कि तम्हां संघै आसा ज़िऊंदअ परमेशर।#लुआ. 34:9-10 11भाल़ा! पृथूईए मालको करारो मणशू आसा जरदण नदी दी तम्हां आजू डेऊणैं आल़अ, 12तम्हैं करा इहअ, आप्पू मांझ़ै छ़ांटा इज़राईले बारा मर्ध हर गोत्रा का एक-एक। 13ज़ांऊं पृथूईए मालक बिधाते करारे मणशू च़कणै आल़ै प्रोहते च़रण जरदण नदी दी छ़ुंए, तेभी हणीं जरदण नदी बगणीं बंद। उपरा बाखा उंधै बाखा लै बगणैं आल़अ पाणीं थम्हणअ तिधी।”
14-15सह थिई लऊंणींए रीत, अर भराल़ै ती जरदण नदी खास्सी भर्हुई दी। ज़ांऊं इज़राईली जरदण नदी पार टपणा लै आपणैं खिम्भ झाल़ै, प्रोहत डेऊऐ करारे मणशू च़की तिन्नां सोभी का आजू। ज़ेही ई तिन्नैं जरदण नदीए पाणीं दी गंईं डाही,#लुआ. 14:21 16जरदण नदीओ पाणीं खल़्हुअ तिधी तेथ बाझ़अ सारतान नाओंए ज़ैगा नेल़ आदम नगरी उंधै सारै पाणीं दी शाफल़। तिधा उंधै अराबा समुंदर ज़ेता लै खार समुंदर बी बोला, सह पाणीं शुक्कअ पठी अर सारी इज़राईली परज़ा टपी जरदण नदी पार जेरिहो नगरी नेल़ रेगीस्तानै। 17बिधाते प्रोहत रहै करारे मणशू च़की जरदण नदी मांझ़ा-मांझ़ी शुक्की ज़ैगा तेभै तैणीं खल़्हुई ज़ेभै तैणीं सोभै इज़राईली मणछ जरदण नदी पार टपी निं मुक्कै।#लुआ. 14:22; 2 राज़. 2:8
Currently Selected:
ज़ैहसू 3: OSJ
Highlight
Copy
Compare
Share
Want to have your highlights saved across all your devices? Sign up or sign in
This work is licensed under Creative Commons Attribution-ShareAlike 4.0 License.