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जोएल 1

1
1बिधाता दैनअ पतूएले शोहरू जोएल गूरा का आपणीं परज़ा लै अह समाद:
रैट्टै किअ सारै देशै बनाश
2“सैणैंओ, शूणां! मेरी गल्‍ला दी दैआ धैन,
यहूदा मुल्खे सोभ लोग शूणां कि हुंह किज़ै बोला।
थारी ज़िऊंदी ज़िता निं आझ़ तैणीं कधि इहअ हुअ!
नां थारै दादा-बाबे ज़मानै कधू इहअ हुअ।
3ऐहा आफ़ते बारै डाहा आपणैं शोहरू-माठै का खोज़ी अर
तिन्‍नैं लोल़ी आजू आपणैं शोहरू-माठै का खोज़अ अर
तिंयां खोज़ै आजू तिन्‍नां बाद एछणैं आल़ी पोस्ती का।
4ज़ुंण साल-फसल कतोच़ी करै खाणैं आल़ै रैट्टे छ़ुंढा का छ़ुटी,
तेता खांदै आऐ बडै डैअ दैणैं आल़ै रैट्टे छ़ुंढ!
ज़ुंण डैअ दैणैं आल़ै रैट्टै का छ़ुटी, तेता लै आऐ पटिक्‍कल़ै दैणैं आल़ै रैट्टे छ़ुंढ,
ज़ुंण तिन्‍नां का बच़अ तेता लै आऐ च़लोऊई करै खाणैं आल़ै रैट्टे छ़ुंढ।
5शराबीओ! खल़ै उझ़िआ, संघा लाआ ऐबै लेरा,
तम्हैं दाखे रसा झुटणैं आल़ै लाआ हिक्‍का-पटाक्‍की लेरा,
दाखे फसल हुई पठ बरैबाद ज़ेता का नऊंअ दाखो रस काढणअ त।
6रैट्टे सैना पल़ी म्हारै देशे ज़ैगा लै चुटी,
तिंयां रैट्टै आसा बलबान अर खास्सै ज़ेता कुंण गणी निं सकदअ,
तिन्‍नें दांद आसा सिहा ज़िहै लाम्मै अर दाल़्हा आसा सिहणीं ज़ेही।#प्रका. 9:8
7तिन्‍नैं रैट्टै किऐ म्हारै दाखे बाग पठी बरैबाद
अर म्हारै फेडूए बूट कतोच़ै पठी!
तिन्‍नैं शोटै डाल़ा-बूटे तरोल़ै च़लोऊई करै धरनीं
अर तेते शाण्हीं किई शेती अर पठ बरैबाद।
8कुंआरी शोहरी ज़िहअ करा शोग ज़ुंणीं शोग करना लै खिंथल़ै आसा बान्हैं दै,
किल्हैकि सह शोहरू मूंअ ज़हा संघै तेसे बरनीं ती लाई दी।
9बिधाते भबनै हूम करना लै निं कोह नाज़ आणदै,
नां अर्घै दैणा लै दाखो रस भैंट करदै,
बिधाते च़ाकरी करनै आल़ै प्रोहत आसा खास्सअ शोग पल़अ द।
10खेच आसा शुक्‍कै-रुखै अर शणैहतै पल़ै दै,
नाज़ हुअ पठी बरैबाद, दाखे बेला मछैंईं गोधी का,
जैतूने तेला काढणा लै बूट बी शुक्‍कै ज़ात पठी।
11कृषाणो, लेरा लाआ, तम्हैं हआ दुखी ज़ुंण तम्हैं दाखे बागे फाज़त करा,
किल्हैकि ज़ौ कणका संघी हुई सारी साल-फसल बरैबाद।
12दाखे बेला अर फेडूए बूट मछैंऐं पठी,
नारदाणैं, खज़ूर, सेओए बूट अर सोभ डाल़-बूट शुक्‍कै पठी।
सोभी मणछे मुंह आसा फिकै पल़ै दै।
13घेरी बान्हां खिंथल़ै संघा लाआ हिक्‍का पटाक्‍की लेरा!
बेदीए च़ाकरी करनै आल़ै प्रोहतो!
बिधाते पबित्र भबनै डेऊई रहा सारी राची घेरी खिंथल़ै बान्हीं शोगा दी बेठी।
किल्हैकि परमेशरा लै निं ऐबै कोह हूम करना लै नाज़ अर अर्घै लै दाखो रस भैंट करदअ।
14सोभी लै बोला इहअ कि ब्रतू रहा, सोभ करा झाल़अ!
यहूदा सारै देशा का झाल़ा सोभी सैणैं अर सोभी लोगा
परमेशर बिधाते भबना लै, संघा पाआ तेऊ सेटा लेर-पकार।
15बिधाते सह धैल़ी गई ऐबै पुजी, ज़हा धैल़ी
तेऊ बिधाता बनाश करनअ ज़हा का सारअ बल आसा।
सह धैल़ी भाल़ा केही डरैऊंणी हणीं।#ईशा. 13:6
16हाम्हैं भाल़ी आपणीं आछी आपणीं खाणें-पिणें च़िज़ा बरैबाद हंदी!
म्हारै परमेशरे भबनै बी निं ऐबै खुशी रही।
17खेचै शुक्‍कअ माट्टे भेल्‍ली हेठै बेज़अ पठी,
खहल़ आसा शुन्‍नैं अर खुडी आसा नाज़ा बाझ़ी रित्ती,
किल्हैकि साल-फसल हुई पठ बरैबाद।
18डागै बी आसा धकदै लागै दै,
किल्हैकि तिन्‍नां निं खाणां लै किछ़ घाह आथी,
भेडा-बाकरीए हेल़्ही लै बी आसा भुखै आफ़त पल़ी दी।
19ए बिधाता, हुंह पाआ ताह सेटा लेर-पकार,
किल्हैकि घाहे घैहणीं अर डाल़-बूट शुक्‍कै पठी,
तेथ आसा ज़ेही आग शाची दी।
20बणें ज़ीब बी आसा भुखै-नचिशै, तिंयां बी आसा तेरै आसरै,
किल्हैकि गाडा-नाल़ी शुक्‍की पठी, बणें घाहे घैहणीं बी दझ़ी ऐहा आगी दी।

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जोएल 1: OSJ

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