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आयूब धर्मीं हंदी बी आयूबै किहै-किहै दाह-दुख ज़िरै

धर्मीं हंदी बी आयूबै किहै-किहै दाह-दुख ज़िरै
भेत
लिखणैं आल़अ: एतो निं कै खास थोघ आथी!
सन: 700 का 400 ईसा आजी
ऐहा कताबे बारै निं कोही का थोघ आथी कि अह कुंणी आसा लिखी दी। ऐहा कताबा दी बी निं किज़ै इहअ आथी ज़ेता करै थोघ लागे कि अह कुंणी आसा लिखी दी। हई सका कि एता लिखणैं आल़ै खास्सै होए। एता लै बोला इहअ कि पबित्र शास्त्रे सोभी कताबा मांझ़ै आसा अह कताब सोभी का आजी लिखी दी।
ऐहा कताबा दी आसा आयूबे बारै लिखअ द कि सह थिअ खास्सअ धर्मीं मणछ अर तेऊ पल़ी बेघै बूरी खरी अर आफ़ता, पर तज़ी बी रहअ सह बिधाते आसरै शुचअ अर धर्मीं मणछ। तेऊए साथी-संघी बी आऐ तेऊ हेरै-भाल़ै अर पुछ़दै कि तेऊ ईंयां बिपदा किल्है पल़ी। ऐहा कताबा दी आसा खासकर आयूब, तेमानी, एलीपज, शूही, बिल्दाद, नमाती, सोपर, बूज़ी एलीहू ज़ुंण एकी-दुजै संघै गल्‍ला करा।
आयूब त खास्सी दाह-दुखा ज़िरदअ लागअ द, कई बारी बोला सह इहअ कि एते बारै खोज़े बिधाता आप्पै कि मणछा इहै दुख किल्है लागा ज़िरनै। खिरी हुअ बिधाता प्रगट, तेऊ इहअ ता निं खोज़अ कि आयूबा किल्है पल़ै दाह-दुख ज़िरनै पर तेऊ रहैऊअ इहअ कि ज़ुंण काम बिधाता करा तेता निं मणछ कधि समझ़ी सकदै। मणछ निं तेता करी सकदै ज़ुंण बिधाता करा। बिधाता बोलअ इहअ कि आयूब करनअ आजू बी मेरअ सोभी का खास्सअ धर्मीं भगते रुपै आद।
खिरी लागा हाम्हां ऐहा कताबा दी थोघ कि बिधाता आयूबा लै केही खास्सी बर्गत दैनी, खिरी बणाअं बिधाता सह पैहलै का दुगणअ सेठ। पर आयूब निं तज़ी बी समझ़ी बोल़अ कि तेऊ दाह-दुख किल्है पल़ै ज़िरनै। पर तेऊ निं तेतरी खरी हंदी बी बिधाते च़ाकरी छ़ाडी। आयूब रहा त ऐहा आशा कि बिधाता हेरनअ सह एकी धैल़ै ईंयां खरी अऊखी दूर करी बच़ाऊई। सह बोला त इहअ:
एतरअ आसा मुखा थोघ कि ज़िऊंदअ परमेशर ज़ुंण स्वर्गै आसा,
च़ाऐ मेरी सारी देही बी चिजे-शल़े,
तज़ी बी लणैं मुंह ऐहा देही दी बिधाते दर्शण करी।
मुंह भाल़णअ सह आप्पै आपणीं आछी,
हुंह आसा तैहा घल़ी न्हैल़अ-भाल़अ लागअ द।
(19:25-27)
कताबे बांड
आयूब हुअ पठी दाल़जी 1:1—2:13
आयूब लागअ आपणैं चिई साथी संघै गल्‍ला करदअ 3:1—31:40
एलीहू बोलअ इहअ कि बिधाता हेरनी तेरी खरी भाल़ी 32:1—37:24
बिधाता बोलअ इहअ कि आयूबो मालक आसा हुंह आप्पै 38:1—41:34
बिधाता दैनी आयूबा लै दुगणीं बर्गत 42:1-17

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